45 मिनट का जाम खत्म – अब 7 मिनट में पूरा सफर

जबलपुर में 7 किलोमीटर का सफर और 45 मिनट का जाम...ये थी शहर की रोज़ की कहानी...लेकिन अब ये कहानी बदल चुकी है...जो सफर पहले 45 मिनट का था.., अब वो सिर्फ 7 से 8 मिनट का रह गया है...ये कमाल किया है जबलपुर के नए गौरव – वीरांगना रानी दुर्गावती फ्लाईओवर ने... यह मध्यप्रदेश का सबसे लंबा फ्लाईओवर है, ....जिसकी लंबाई लगभग 7 किलोमीटर है... इसे बनाने में करीब 1100 करोड़ रुपये लगे और... छह साल के इंतजार के बाद,... आज ये जबलपुर की नई पहचान है।..ये सिर्फ एक फ्लाईओवर नहीं, बल्कि इंजीनियरिंग का एक चमत्कार है...इसमें भारत का सबसे लंबा सिंगल-स्पैन केबल-स्टे ब्रिज शामिल है,... जो मदन महल रेलवे स्टेशन के ऊपर बना है... लेकिन इसकी खासियत सिर्फ ऊपर की सड़क नहीं है..फ्लाईओवर के नीचे की जगह को भी नया जीवन दिया गया है..., जहाँ अब बास्केटबॉल कोर्ट..., ओपन जिम, बच्चों के लिए पार्क और करीब 50,000 पौधों की हरियाली है.... यह विकास और पर्यावरण के बीच एक बेहतरीन संतुलन का उदाहरण है... यह फ्लाईओवर सिर्फ ट्रैफिक नहीं, बल्कि व्यापार और पर्यटन को भी गति देगा... महान वीरांगना रानी दुर्गावती के नाम पर बना ये फ्लाईओवर शहर के लिए गर्व का प्रतीक बन गया है...इस फ्लाईओवर का लोकार्पण केंद्रीय सड़क परिवहन एवं... राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया.... इस मौके पर 4250 करोड़ से अधिक लागत की 174 किलोमीटर लंबी 9 सड़क परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया गया.. इस मौके पर गडकरी ने कहा- उस समय मप्र में कांग्रेस का शासन था... कमलनाथ मुख्यमंत्री थे...मैंने कमलनाथ से निवेदन किया,... आप सीआरएफ में ये प्रपोजल भेज दो... इससे दोगुना पैसा मैं आपको राष्ट्रीय राजमार्ग में दूंगा... उन्होंने प्रपोजल भेज दिया...जिसका नतीजा ये फ्लाईओवर आज जनता को मिला है... देश में पहली बार ऐसा हुआ था कि... सीआरईएफ से रुपए का काम स्वीकृत किया गया हो...जबलपुर का ये फ्लाईओवर साबित करता है कि... सही सोच और प्लानिंग से सालों पुरानी समस्याओं को भी सुलझाया जा सकता है... यह शहर के विकास, उम्मीद और धैर्य की जीत है..अब आप बताइए, आपके शहर को किस प्रोजेक्ट की सबसे ज़्यादा ज़रूरत है?... अपने विचार कमेंट्स में लिखें...अगर आपको यह जानकारी पसंद आई,... तो इस वीडियो को लाइक करें शेयर करें... और चैनल को सब्सक्राइब करना न भूलें।