“मथुरा में मॉनसून का कहर! भक्ति की नगरी पर जलभराव का संकट”
एकंर - आज श्रीकृष्ण की अपनी नगरी पर एक बार फिर... मॉनसून के बादल मंडरा रहे हैं...आज, मौसम विभाग ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में... मॉनसून के सक्रिय रहने का अनुमान जताया है... मौसम विभाग के अनुसार, मॉनसून इस समय पश्चिमी उत्तर प्रदेश में.. पूरी तरह सक्रिय है...आज, यानी 16 अगस्त के लिए, मथुरा और आसपास के जिलों में... गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है... वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह सिलसिला रुक-रुक कर पूरे हफ्ते जारी रह सकता है, ...जो शहर के ड्रेनेज सिस्टम और यमुना के जलस्तर के लिए एक बड़ी चुनौती है... पिछले अनुभव बताते हैं कि कुछ घंटों की तेज बारिश भी शहर के कई इलाकों को पानी-पानी कर देती है...
यमुना घाट से शहर के अंदरूनी हिस्सों की तस्वीर चिंताजनक है... कृष्णा नगर जैसी निचली बस्तियों में... हर साल जलभराव एक बड़ी समस्या बन जाता है... लोग अपने घरों और दुकानों को बचाने के लिए... रेत की बोरियों और ईंटों का सहारा ले रहे हैं।... एक दुकानदार ने बताया कि हर साल नगर निगम के आश्वासन मिलते हैं,... लेकिन नाले ठीक से साफ नहीं होते,... जिससे हजारों का नुकसान होता है... वहीं, स्थानीय महिलाओं को पानी भरने के बाद फैलने वाली बीमारियों और बच्चों की सुरक्षा का डर सता रहा है..जब शहर पर संकट हो, तो निगाहें प्रशासन पर होती हैं... नगर निगम का दावा है कि शहर के ज्यादातर बड़े नालों की सफाई हो चुकी है ...और संवेदनशील इलाकों में पंपिंग सेट तैयार हैं...लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है... कई इलाकों में नाले अभी भी चोक हैं..प्रशासन के लिए यह एक लिटमस टेस्ट है..., क्योंकि थोड़ी सी भी लापरवाही एक मौसमी चुनौती को बड़ी आपदा में बदल सकती है..
तो यह है श्रीकृष्ण की नगरी का हाल,... जहाँ भक्ति के ऊपर चिंता के बादल हैं... एक तरफ आस्था है..., तो दूसरी तरफ हर साल की जलभराव की कड़वी हकीकत.. आने वाले कुछ दिन मथुरा के लिए एक बड़ी चुनौती हैं