| इंदौर की Health System पर सवाल!
एकंर - इंदौर की सड़कों पर दौड़ने वाली एम्बुलेंस पर... गंभीर सवाल उठ रहे हैं... एक तरफ हैदराबाद की बड़ी कंपनी... 'रेड एम्बुलेंस' है, और दूसरी तरफ इंदौर के सैकड़ों स्थानीय ऑपरेटर,... जो अब उसके खिलाफ मोर्चा खोल चुके हैं.... आरोप हैं कमीशनखोरी, टैक्स चोरी और... मरीजों से मनमानी वसूली करने का.... आइए समझते हैं कि ये पूरा मामला क्या है....इंदौर के अरबिंदो अस्पताल के बाहर... शहर के लगभग सभी एम्बुलेंस ऑपरेटर जमा हुए हैं.... इनका सीधा आरोप एक कॉर्पोरेट कंपनी 'रेड हेल्थ एम्बुलेंस' पर है, ...जो इनके मुताबिक बाहर से आकर इंदौर के स्वास्थ्य बाजार पर ...कब्जा करना चाहती है....लेकिन ये सिर्फ बिजनेस की लड़ाई नहीं है.., ऑपरेटरों का दावा है कि... इस खेल में मरीज के हितों को भी ताक पर रखा जा रहा है....विवाद की जड़ में तीन बड़े आरोप हैं....पहला, कमीशन का खेल.... स्थानीय ऑपरेटरों का कहना है कि.. रेड एम्बुलेंस अस्पतालों से एक्सक्लूसिव कॉन्ट्रैक्ट करती है..., लेकिन उसके पास खुद की गाड़ियां कम हैं.... जब अस्पताल से कॉल आता है.., तो वो इन्हीं स्थानीय ऑपरेटर्स को भेजती है और... बिल के बदले 25 से 30 प्रतिशत का भारी कमीशन वसूलती है. ...मेहनत और गाड़ी स्थानीय ऑपरेटर की, ..लेकिन कमाई का बड़ा हिस्सा कंपनी को चला जाता है,.. जिसका बोझ आखिर में मरीज पर ही पड़ता है....दूसरा आरोप टैक्स चोरी का है. ...दावा है कि रेड एम्बुलेंस तमिलनाडु (TN) नंबर की गाड़ियों को इंदौर में चलाकर... मध्यप्रदेश सरकार को राजस्व का नुकसान पहुंचा रही है....और तीसरा आरोप है मरीजों पर दबाव बनाने का...जिन अस्पतालों से कंपनी का टाई-अप है..., वहां मरीजों को सिर्फ 'रेड एम्बुलेंस' लेने के लिए मजबूर किया जाता है,... भले ही वो महंगी क्यों न हो...इस विवाद में दो पक्ष हैं... एक तरफ ये स्थानीय ऑपरेटर हैं,... जिन्होंने कोरोना की लहर और बावड़ी हादसे जैसी त्रासदियों में.. अपनी जान जोखिम में डालकर मुफ्त सेवाएं दी थीं.... उनका दर्द है कि आज एक बाहरी कंपनी उनके रोजगार पर संकट बनकर आई है....वहीं दूसरी तरफ, ...आरोपों के बाद अस्पताल प्रबंधन का तर्क है कि... रेड हेल्थ एम्बुलेंस राष्ट्रीय स्तर के मानकों का पालन करती है,...जो गंभीर मरीजों के लिए जरूरी है.... उनका कहना है कि वे मानकों से समझौता नहीं कर सकते,... लेकिन उनकी स्थानीय ऑपरेटरों से कोई दुश्मनी नहीं है. ...इस पूरे मामले पर सबसे हैरानी की बात... रेड एम्बुलेंस कंपनी की चुप्पी है.... इतने गंभीर आरोपों पर उनकी तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है... यह जांच का विषय है कि रेड एम्बुलेंस पर लगे आरोपों में कितना दम है.... इस मामले में कोई भी अपडेट आते ही... हम आप तक जरूर पहुंचाएंगे.... जिसके लिए हमारे चैनल को अभी सब्सक्राइब करें
PUSHPANJALI PANDEY 