बादल फटने और भारी बारिश के कारण माता वैष्णो देवी यात्रा रुकी,

कुदरत के कहर से धरती का स्वर्ग (जम्मू और कश्मीर) कांप रहा है। जम्मू में लगातार भारी बारिश और बादल फटने की घटना से तबाही मची हई है। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ और कठुआ के बाद अब डोडा में बादल फटा (Doda Cloud burst) है। बादल फटने की घटना से डोडा जिले में भारी तबाही हुई है। इसके कारण माता वैष्णो देवी यात्रा रोक दी गई है। साथ ही हेलीकॉप्टर सेवा को भी बंद कर दिया गया है। वहीं तेज मूसलाधार बारिश के कारण हिमकोटी मार्ग बंद कर दिया गया है।
इधर कटरा-संगर रेलवे स्टेशन पर लैंडस्लाइड से रेल सेवा ठप हो गई है। वहीं, जम्मू-कश्मीर के भदरवाह में ऐतिहासिक शिव मंदिर और पांडु गुफा मंदिर बाढ़ की चपेट में है। मंदिर के पुजारी और बाकी सदस्यों को सुरक्षित जगह भेजा गया है।
बादल फटने से पहाड़ी से पानी और मलबे का सैलाब आया, जिससे नदियों और नालों में उफान आ गया। पानी का बहाव इतना तेज था कि पेड़, घर और सड़कें साथ बहा ले गया। 4 लोगों की मौत भी हुई है, वहीं आपदा के चलते चिनाब नदी में उफान आने से जम्मू-श्रीनगर हाईवे बंद कर दिया गया है। वैष्णो देवी यात्रा भी रोक दी गई है। एक अधिकारी ने बताया कि डोडा में दो लोगों की मौत घर गिरने से हुई, जबकि दो की मौत लगातार बारिश के कारण आई अचानक बाढ़ में हुई है। बाढ़ में रिहायशी इलाकों और अन्य संपत्तियों को काफी नुकसान पहुंचा है। राहत और बचाव का काम जारी है। लगातार बारिश से नदियां उफान पर
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जम्मू की लगभग सभी नदियां और नाले खतरे के निशान से ऊपर या उसके करीब बह रहे हैं, जिससे शहर और अन्य स्थानों पर कई निचले इलाके और सड़कें जलमग्न हो गई हैं। रामबन जिले के चंदरकोट, केला मोड़ और बैटरी चश्मा में पहाड़ियों से पत्थर गिरने के बाद आज सुबह एहतियात के तौर पर 250 किलोमीटर लंबे जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात रोक दिया गया है। कठुआ में तराना नदी, उज्ह नदी, मग्गर खाद, सहार खाद, रावी नदी और उनकी सहायक नदियों का जलस्तर एक साथ बढ़ रहा है और खतरे के निशान के करीब पहुंच रहा है। तवी नदी उधमपुर जिले में 20 फुट खतरे के निशान को पार कर गई है, जबकि जम्मू में यह फिलहाल चेतावनी स्तर से नीचे बह रही है। चेनाब नदी भी जम्मू में चेतावनी स्तर के करीब बह रही है।