दिल्ली पुलिस ने 4 साइबर अपराधियों किया गिरफ्तार: 40 लाख की थी हाईटेक ठगी

देश में साइबर क्राइम की घटना बढ़ती जा रही है.पर अब इस बिच एक अच्छी खबर आ रही है। दक्षिण-पश्चिम जिले की साइबर क्राइम पुलिस ने एक अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का खुलासा करते हुए उसके 4 मुख्य मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है.
जिन्हें देश में साइबर ठगी की राजधानी माने जाने वाले झारखंड, देवघर-जामताड़ा और राजस्थान के मेवात तक गिरोह का नेटवर्क में फैला हुआ था.इस समूह ने एक सेवानिवृत्त DRDO वैज्ञानिक को अपना शिकार बनाते हुए उनकी जीवन की बचत, जो 40 लाख रुपये थी, ठग ली. गिरोह की गिरफ्तारी से यह स्पष्ट होता है कि अब साइबर अपराधियों के लिए मुश्किलें बढ़ने वाली हैं.
यह घटना 7 जनवरी 2025 को, DRDO से रिटायर हुए एक वैज्ञानिक ने Yahoo कस्टमर सपोर्ट का नंबर गूगल पर खोजा. गूगल सर्च में मिले फर्जी नंबर पर कॉल करते ही चालाक ठगों ने उन्हें अपने जाल में फंसा लिया. आरोपियों ने उन्हें व्हाट्सएप पर एक APK फाइल भेजी और उसे डाउनलोड करने के लिए कहा, जिससे उन्होंने फॉर्म भरने का झांसा दिया. जैसे ही फाइल इंस्टॉल हुई.उनकी बैंकिंग जानकारी तुरंत हैक कर ली गई. इसके परिणामस्वरूप, सात दिनों के भीतर उनके खातों से 40 लाख रुपये गायब हो गए.
18 जनवरी 2025 को साइबर थाना दक्षिण-पश्चिम में FIR संख्या 04/2025 के तहत एक मामला दर्ज किया गया. इसके पश्चात, ACP साइबर क्राइम श्री विक्रम सिंह और SHO राजेश वर्मा के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया. इस टीम ने तकनीकी विश्लेषण जैसे CDR, IPDR, बैंक लॉग और गूगल रिपोर्ट्स के साथ-साथ जमीनी निगरानी भी आरंभ की. आरोपी लगातार सिम और उपकरण बदलते रहे, लेकिन पुलिस की चतुराई और निरंतर निगरानी की रणनीति अंततः सफल रही. मुख्य आरोपी इकबाल अंसारी को झारखंड के देवघर से गिरफ्तार किया गया, और इसके बाद मेवात से तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया.