बाढ़ का कहर: ताजमहल तक पहुंचा यमुना का पानी
इस वक्त देश के कई हिस्से आसमानी आफत की चपेट में हैं..... ये तस्वीरें सिर्फ तस्वीरें नहीं, बल्कि उस तबाही की जीती-जागती गवाही हैं... जो इस समय देश के करोड़ों लोगों पर कहर बनकर टूटी है..... गुजरात की सड़कों पर खिलौनों की तरह तैरती कारें,... उत्तराखंड में ताश के पत्तों की तरह ढहते पहाड़, ...और दिल्ली में उफनती यमुना का पानी... 45 साल का रिकॉर्ड तोड़ते हुए आगरा में मोहब्बत की निशानी ....ताजमहल की बाहरी दीवारों के बेहद करीब पहुंच गया है.... ये मंजर तो बस एक झलक है.... इस वीडियो में हम आपको... देश के कोने-कोने से आई उस तबाही की पूरी तस्वीर दिखाएंगे..., जिसे देखकर शायद आप सोच में पड़ जाए... सबसे पहले बात करते हैं... देश की राजधानी दिल्ली की, ...जो इस वक्त बाढ़ की गंभीर चपेट में है.... हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण.... यमुना एक बार फिर खतरे के निशान को पार कर गई है ...और दिल्ली पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है......और ये खतरा सिर्फ नदी किनारे बसे निचले इलाकों तक सीमित नहीं है..., यमुना का पानी अब शहर के अंदरूनी हिस्सों में भी दाखिल हो चुका है.... बुराड़ी, जगतपुर, संत नगर और वजीराबाद... जैसी कॉलोनियां पानी में डूबी हुई हैं.... किसानों की हजारों एकड़ फसल पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है...... लोग अपने घरों की छतों पर रहने को मजबूर हैं....उनका सारा सामान, उनकी जिंदगी भर की कमाई,... उनकी आंखों के सामने पानी में समा रही है... सरकार और प्रशासन राहत और बचाव कार्य का दावा तो कर रहे हैं, ...कैंप भी लगाए जा रहे हैं, ...लेकिन पानी का बहाव इतना तेज है कि... हर कोशिश छोटी साबित हो रही है.... लोगों का कहना है कि उन्होंने... ऐसा मंजर कई सालों में नहीं देखा.... यमुना का पानी मजनू का टीला, लोहा पुल और यमुना बाजार जैसे इलाकों को अपनी चपेट में ले चुका है,.... और हर गुजरते घंटे के साथ ये खतरा और भी गहराता जा रहा है.... मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और बारिश का अलर्ट जारी किया है..., जिसका मतलब है कि दिल्ली वालों की मुश्किलें अभी कम नहीं होने वाली हैं.... पिछले 45 सालों में ऐसा पहली बार हो रहा है..., जब यमुना का पानी दुनिया के सातवें अजूबे,... ताजमहल की बाहरी दीवारों के इतने करीब पहुंच गया है..... जो यमुना कभी ताजमहल से दूर सूखी नजर आती थी, ...आज उसका पानी स्मारक के पास बने बगीचे और बाहरी दीवारों को छू रहा है.... इससे पुरातत्व विभाग और इतिहासकारों की चिंता बढ़ गई है.... वहीं ताजगंज श्मशान घाट के कई हिस्से पानी में डूब चुके हैं.... मेहताब बाग की दीवार को भी पानी छूकर बह रहा है.... प्रशासन ने ताजमहल के पीछे से सुरक्षा चौकियों को हटा लिया है और ...पूरे इलाके में हाई अलर्ट जारी कर दिया है. ...अब रुख करते हैं गुजरात का,... जहां बारिश ने तबाही के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं..... सौराष्ट्र के कई जिले, खासकर जूनागढ़ और पोरबंदर,... इस वक्त पानी में डूबे हुए हैं.... जूनागढ़ से आई तस्वीरें किसी आपदा फिल्म के सीन जैसी लगती हैं. ...यहां के मेंदरडा तालुका में महज 12 घंटों में... 331 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई...अगर मैदानों का यह हाल है..., तो पहाड़ों पर स्थिति और भी भयावह है. ...देवभूमि उत्तराखंड इस वक्त कुदरत के सबसे रौद्र रूप का सामना कर रही है.... भारी बारिश के कारण जगह-जगह भयंकर भूस्खलन हो रहे हैं.... सबसे चिंताजनक स्थिति रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी की है, ...जहां पहाड़ दरकने से बद्रीनाथ..., गंगोत्री और यमुनोत्री को जोड़ने वाले मुख्य हाईवे बंद हो गए हैं.... रुद्रप्रयाग में... जवाड़ी बाईपास पर हजारों टन मलबा और बोल्डर सीधे सड़क पर आ गिरे..., जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया है....मदमहेश्वर यात्रा के रास्ते पर हुए भूस्खलन में... 200 से ज्यादा श्रद्धालु फंस गए,.... जिन्हें SDRF की टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू किया..... ये तस्वीरें दिखाती हैं कि पहाड़ों का सफर इस वक्त कितना जानलेवा हो चुका है.... सड़कों का कई मीटर हिस्सा धंस गया है और.... लगातार गिरते मलबे के कारण इन्हें खोलने का काम भी बेहद खतरनाक साबित हो रहा है.... हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश से जुड़े हादसों में ...अब तक कई लोगों की मौत हो चुकी है और... करोड़ों का नुकसान हुआ है...ये तबाही सिर्फ दिल्ली, गुजरात या उत्तराखंड तक ही सीमित नहीं है.... महाराष्ट्र के कई इलाकों में भी रेड अलर्ट जारी है. ...मुंबई में पटरियों पर पानी भरने से लोकल ट्रेनों की रफ्तार थम गई है..... उत्तर प्रदेश के 15 से ज्यादा जिले बाढ़ की चपेट में हैं.... बिहार, असम और बंगाल में भी नदियां उफान पर हैं.... एक साथ देश के इतने बड़े हिस्से पर ऐसी आपदा का आना कोई सामान्य बात नहीं है....जानकारों का मानना है कि यह क्लाइमेट... चेंज यानी जलवायु परिवर्तन का सीधा असर है.... मानसून का पैटर्न बदल रहा है...; कम समय में बहुत ज्यादा बारिश हो रही है, ...जो इस तरह की विनाशकारी बाढ़ की वजह बन रही है.... सवाल यह है कि हमारा सिस्टम..., हमारे शहर और हमारे गांव क्या इस नई हकीकत के लिए तैयार हैं? ...ये तस्वीरें सिर्फ एक चेतावनी नहीं...., बल्कि एक गंभीर सवाल हैं कि अगर हमने अब भी ठोस कदम नहीं उठाए..., तो भविष्य में हमें इससे भी भयानक आपदाओं का सामना करना पड़ सकता है....इस मुश्किल घड़ी में, हमारी संवेदनाएं उन सभी परिवारों के साथ हैं... जिन्होंने इस आपदा में अपनों को या अपने घर को खोया है.... हम उम्मीद करते हैं कि सरकार और प्रशासन जल्द से जल्द प्रभावित लोगों तक हर मुमकिन मदद पहुंचाएंगे....बाढ़ और बारिश से जुड़ी हर रिपोर्ट के लिए... हमारे चैनल को सब्सक्राइब करना न भूलें और... बेल आइकॉन जरूर दबाएं....साथ ही अपना और अपनों का ख्याल रखें. ..और सुरक्षित रहें.