आवारा कुत्तों पर बड़ा फैसला करीब? सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से संकेत
देश की सबसे बड़ी अदालत में….आज इंसान बनाम आवारा कुत्ते की बहस
अपने चरम पर पहुंच गई।….सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को आवारा कुत्तों से जुड़े मामले पर
लगातार सुनवाई जारी रही।….जस्टिस विक्रम नाथ,जस्टिस संदीप मेहता….और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने साफ शब्दों में कहा…“बात सिर्फ काटने की नहीं है,
आवारा कुत्ते सड़क हादसों का भी कारण बन रहे हैं।…कोर्ट ने कहा....सुबह-सुबह कौन सा कुत्ता किस मूड में है….यह कोई नहीं जानता।…इसलिए सड़कों को कुत्तों से खाली रखना होगा।….कुत्तों के पक्ष में पैरवी कर रहे….सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने कहा....“जब भी मैं मंदिर गया हूं….मुझे कभी किसी ने नहीं काटा।…इस पर सुप्रीम कोर्ट का तीखा जवाब आया….“आप खुशकिस्मत हैं।…लोगों को काटा जा रहा है,बच्चों को काटा जा रहा है,….और लोग मर रहे हैं।….जब सिब्बल ने कहा कि कुत्ते को पकड़कर नसबंदी कर….उसी इलाके में छोड़ दिया जाता है,…तो कोर्ट ने तंज कसते हुए कहा….“अब बस एक ही चीज बाकी है,
कुत्तों की भी काउंसलिंग कर दी जाए,….ताकि वे वापस आकर न काटें।….जिसपर जस्टिस संदीप मेहता ने पूछा…“अदालत परिसरों और स्कूलों में....कुत्तों की क्या जरूरत है?...पीड़ित याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया....“मेरी बेटी को...7–8 आवारा कुत्तों ने बुरी तरह काट लिया।...अब वह बाहर निकलने से डरती है।....पीड़ितों की मांग है की हाउसिंग सोसाइटी और गेटेड कॉलोनियों से
आवारा कुत्तों को हटाया जाए।....और कोर्ट ने पूछा—नीदरलैंड और सिंगापुर में...कितने आवारा कुत्ते हैं?...जवाब मिला—“वहां एक भी आवारा कुत्ता नहीं है,...और किसी को मारा भी नहीं गया।”....इस पर कोर्ट ने साफ संकेत दिया....समस्या का समाधान संभव है,....बस इच्छाशक्ति चाहिए।...एमिकस क्यूरी ने बताया...पिछले 20 दिनों में...जानवरों की वजह से....जजों के साथ 2 एक्सीडेंट हो चुके हैं।....एक जज अब भी...रीढ़ की हड्डी की गंभीर चोट से जूझ रहे हैं।...कोर्ट ने कहा...रोकथाम इलाज से बेहतर है।....कुत्ते काटें या न काटें,..सड़क पर दौड़ते हैं तो
एक्सीडेंट तय है।”....अब सवाल ये है...इंसानों की सुरक्षा ज्यादा जरूरी है
या सिस्टम की लापरवाही?
PUSHPANJALI PANDEY 