वेनेजुएला का तेल भारत को देगा अमेरिका

 जिस देश पर अमेरिका ने सबसे कड़े प्रतिबंध लगाए…अब उसी देश का तेल भारत को दिलाने की तैयारी खुद अमेरिका कर रहा है….और इस पूरी डील के सेंटर में हैं…डोनाल्ड ट्रम्प, वेनेजुएला का तेल और भारत की दिग्गज कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज।…तो सवाल ये है—
क्या भारत को फिर से सस्ता तेल मिलेगा?....और क्या अमेरिका अब अपने ही प्रतिबंधों का रास्ता बदल रहा है?.... मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका, भारत को वेनेजुएला से तेल खरीदने की इजाजत दे सकता है।….ट्रम्प प्रशासन के एक सीनियर अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है।…हालांकि ये इजाजत अमेरिका की सख्त निगरानी और शर्तों के साथ होगी।…फिलहाल शर्तें सार्वजनिक नहीं की गई हैं,….लेकिन इतना साफ है कि 2019 से रुका हुआ वेनेजुएला-भारत तेल व्यापार फिर से शुरू हो सकता है।….दरअसल, 2019 में अमेरिका ने वेनेजुएला पर कड़े आर्थिक और सेकेंडरी प्रतिबंध लगाए थे।….मतलब….जो भी देश या कंपनी वेनेजुएला से तेल खरीदे,
उसे अमेरिकी बाजार और बैंकिंग सिस्टम से बाहर किया जा सकता था।….इसी डर से
भारत ने भी वेनेजुएला से तेल खरीदना बंद कर दिया था,….जबकि एक वक्त ऐसा था
जब भारत अपने कुल तेल आयात का….करीब 6% वेनेजुएला से लेता था।….लेकिन अब इस कहानी में एंट्री होती है….भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज की।….रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक,रिलायंस ने अमेरिका से वेनेजुएला का तेल खरीदने की मंजूरी मांगी है।….सूत्रों का कहना है कि रिलायंस के प्रतिनिधि यूएस स्टेट डिपार्टमेंट…और यूएस ट्रेजरी डिपार्टमेंट से सीधी बातचीत कर रहे हैं।….इसके पीछे बड़ी वजह ये है कि पश्चिमी देश भारत पर रूस से तेल आयात कम करने का दबाव बना रहे हैं,…..और रिलायंस अपने लिए वैकल्पिक तेल सप्लाई सुरक्षित करना चाहती है।….2024 में भारत ने वेनेजुएला से रोज़ाना 63,000 से 1 लाख बैरल तेल खरीदा….2025 में यह आयात बढ़कर…. 1.41 अरब डॉलर तक पहुंचा….लेकिन मई 2025 में
अमेरिका ने फिर सख्ती बढ़ा दी..और 2026 की शुरुआत में भारत का वेनेजुएला से तेल आयात
गिरकर सिर्फ 0.3% रह गया....रिलायंस के पास गुजरात में दुनिया का सबसे बड़ा रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स है,...जिसकी क्षमता है...14 लाख बैरल प्रतिदिन।...इसी बीच,डोनाल्ड ट्रम्प ने
व्हाइट हाउस में...एक्सॉन मोबिल, शेवरॉन,कोनोकोफिलिप्स जैसी..दुनिया की बड़ी तेल कंपनियों के
टॉप अधिकारियों से मुलाकात की।...ट्रम्प ने दावा किया कि वेनेजुएला के तेल क्षेत्र में...करीब 9 लाख करोड़ रुपए का निवेश हो सकता है।...उन्होंने साफ कहा—कौन सी कंपनी वेनेजुएला में जाएगी,....यह अमेरिका तय करेगा। इतना ही नहीं,ट्रम्प ने यह भी ऐलान किया कि...वेनेजुएला
अमेरिका को 3 से 5 करोड़ बैरल तेल देगा,....जिसकी कीमत करीब 25 हजार करोड़ रुपए है।...इस तेल की बिक्री से मिलने वाली रकम ट्रम्प के कंट्रोल में रहेगी...और इसे
अमेरिका, वेनेजुएला और कंपनियों के बीच बांटा जाएगा।...कुल मिलाकर, अगर भारत को वेनेजुएला से फिर से तेल खरीदने की इजाजत मिलती है,...तो इससे
भारत की रूस पर निर्भरता भी घट सकती है।...अब सबकी नजर....अमेरिका की शर्तों
और अंतिम मंजूरी पर टिकी है।