30 साल बाद बालाघाट नक्सल मुक्त! 12 नक्सलियों का बड़ा सरेंडर
बालाघाट में इतिहास रचा गया — नक्सलवाद का खात्मा, बड़े सरेंडर के साथ
नक्सलियों का सामूहिक आत्मसमर्पण बालाघाट अब Officially नक्सल मुक्त बालाघाट जिला, जिसे 30 साल तक नक्सल हिंसा की पहचान माना गया…अब आधिकारिक रूप से नक्सल मुक्त घोषित हो चुका है।…छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ स्थित बकरकट्टा थाने में…कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) के…. 12 कैडर ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।….इनके पास से दो AK-47, दो इंसास, एक SLR और…303 राइफलें समेत कुल 12 हथियार… पुलिस को सौंपे गए।….ये वही इलाका है, जहाँ 1990 के दशक से लगातार… नक्सल हिंसा ने लोगों का जीवन दहला रखा था।…लेकिन आज… कहानी बदल गई है।…बालाघाट एसपी आदित्य मिश्रा के मुताबिक,….इन नक्सलियों ने सरकार की “पुनर्वास से पुनर्जीवन” नीति से प्रभावित होकर… सरेंडर किया है।….अब जिले में सिर्फ एक नक्सली—दीपक—सक्रिय बचा है,…और सुरक्षा एजेंसियों को उम्मीद है…. कि वह भी जल्द हथियार डाल देगा।…सरेंडर करने वालों में सबसे बड़ा नाम है...एमएमसी जोन प्रभारी रामधेर मज्जी, ...जिसने AK-47 के साथ हथियार डाले।...उनकी गार्ड और हार्डकोर नक्सली....सुनीता ओयाम कुछ ही समय पहले बालाघाट पुलिस के सामने सरेंडर कर चुकी थी।...इसके अलावा कई बड़े नाम शामिल हैं...चंदू उसेंडी (DVCM)...ललिता (DVCM)...जानकी (DVCM)....प्रेम (DVCM)....रामसिंह दादा (ACM)....सुकेश पोट्टम (ACM)....लक्ष्मी (PM)...शीला (PM)...सागर (PM)...कविता (PM)...योगिता (PM) स्तर के नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया।…औऱ बालाघाट में नक्सल इतिहास में पहली बार
10 नक्सलियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने सरेंडर किया।..इन पर कुल 2 करोड़ 36 लाख रुपए का इनाम घोषित था।...62 लाख के इनामी हार्डकोर नक्सली सुरेंद्र उर्फ कबीर भी इनमें शामिल था।...साथ ही महिला नक्सलियों ने भी बड़ी संख्या में सरेंडर किया...लगातार पुलिस अभियान, और सुरक्षा बलों के प्रयास से...आज बालाघाट अपनी 30 साल पुरानी नक्सल छाया से बाहर आ चुका है।...यह उपलब्धि केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा तय मार्च 2026 की डेडलाइन से पहले हासिल हुई है।..
PUSHPANJALI PANDEY 