सरकारी कर्मचारियों के आंदोलन का कल होगा हल्ला बोल, जाने क्या रहेगी प्रमुख मांगे
एमपी के सरकारी कर्मचारी अब एक बार फिर अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरने जा रहे हैं। बता दें अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा ने 7 फरवरी को राजधानी भोपाल के सतपुड़ा भवन और सभी जिलों के कलेक्ट्रेट के सामने प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। बताया जा रहा है कि, कर्मचारी-अधिकारी पदोन्नति में लगी रोक हटाने, पुरानी पेंशन बहाल कराने के साथ साथ अनुकंपा नियुक्ति समेत 31 मांगों को लेकर प्रदर्शन करने की तैयारी में हैं। कर्मचारी संगठन 51 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार से नाराज हैं और सरकार अपनी मांगो को लेकर पर दबाव बना रहे हैं।
प्रदेश का मुख्य प्रदर्शन राजधानी भोपाल के सतपुड़ा भवन के बाहर किया जाएगा। यहां अधिकारी – कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। एमपी अधिकारी – कर्मचारी संयुक्त मोर्चे के आंदोलन का ये तीसरा चरण है। इसके अलावा प्रदेशभर में सभी जिलों में कर्मचारी कलेक्ट्रेट के सामने प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान वो अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे।
मोर्चा का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर इस बार कोई समझौता नहीं करेंगे। उनकी प्रमुख मांगों में पुरानी पेंशन योजना की बहाली, लंबित महंगाई भत्ते का भुगतान, पदोन्नति पर लगी रोक हटाना और वाहन एवं गृह भत्ते में वृद्धि जैसी मांगें शामिल हैं।
कर्मचारी संगठनों की 51 सूत्रीय मांगों में कई प्रमुख मुद्दे शामिल हैं। इनमें सबसे बड़ी मांग पुरानी पेंशन योजना की बहाली है। इसके अलावा वे लंबित महंगाई भत्ते का भुगतान, पदोन्नति पर लगी रोक को हटाने और विभिन्न भत्तों में वृद्धि की मांग कर रहे हैं। अनुकंपा नियुक्ति में सीपीसीटी का बंधन हटाने, परिवीक्षा अवधि को 2 वर्ष करने और पेंशन के लिए अर्हता सेवा 25 वर्ष करने की मांगें भी प्रमुख हैं।
harsha pardeshi 