योगी का मास्टरप्लान सेवा संघ को ₹50 करोड़

योगी का मास्टरप्लान सेवा संघ को ₹50 करोड़

योगी का मास्टरप्लान सेवा संघ को ₹50 करोड़

अदालत के चक्कर, तारीख पर तारीख, ...और इंसाफ के लिए सालों का इंतजार....ये कहानी उत्तर प्रदेश के लाखों लोगों की है.... क्या आप जानते हैं कि... अकेले यूपी की जिला अदालतों में एक करोड़ से भी ज़्यादा मामले अटके पड़े हैं? ...ये सिर्फ नंबर नहीं,... बल्कि फाइलों में धूल खा रही लाखों लोगों की उम्मीदें हैं....लेकिन क्या सरकार का एक फैसला... यूपी के पूरे जस्टिस सिस्टम को बदल सकता है? ....क्या आम आदमी के लिए इंसाफ पाना वाकई तेज हो जाएगा? ....जी हाँ, क्योंकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक ऐसा कदम उठाया है..., जो पूरे सिस्टम में एक नई जान फूंक सकता है...हाल ही में लखनऊ में, सीएम योगी ने... उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा संघ को.. 50 करोड़ रुपये का एक बड़ा कॉर्पस फंड देने का ऐलान किया....यह फंड इस बात का संकेत है कि सरकार न्याय व्यवस्था की नींव को मजबूत करने के लिए गंभीर है.....सीएम योगी ने साफ कहा कि अच्छा शासन तभी संभव है...., जब न्याय व्यवस्था तेज और सबकी पहुंच में हो....अब सवाल है कि इन पैसों का होगा क्या? ....सबसे पहले, जजों के लिए काम का बेहतर माहौल बनाया जाएगा.... हर ज़िला जज के चैंबर में एयर कंडीशनर लगाने का खर्च ...अब राज्य सरकार उठाएगी.... साथ ही, कोर्ट परिसरों में CCTV कैमरे और आग से बचाने के उपकरण लगाकर... सुरक्षा को टॉप प्रायोरिटी पर रखा गया है...इसके अलावा, प्रदेश के छह जिलों में... इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स बनाने को भी हरी झंडी मिली है.... ये किसी मॉल की तरह होंगे, ...जहाँ एक ही छत के नीचे सारी अदालतें और सुविधाएं होंगी.... यह सिर्फ अच्छी बिल्डिंग बनाना नहीं है,... बल्कि न्याय देने वाले जजों की ट्रेनिंग और... उनके कल्याण में भी एक बड़ा निवेश है,... ताकि वे बिना किसी दबाव के बेहतर काम कर सकें...उत्तर प्रदेश की अदालतों की सबसे बड़ी चुनौती लंबित मामलों का पहाड़ है.... इस समस्या से निपटने के लिए कई मोर्चों पर काम हो रहा है.... जैसे, 'डिस्पोजीशन क्लर्क' की आउटसोर्सिंग को मंजूरी दी गई है.... ये क्लर्क जजों के प्रशासनिक कामों में हाथ बंटाएंगे..., जिससे जजों का कीमती समय बचेगा और ...वे सिर्फ केस की सुनवाई पर फोकस कर पाएंगे....दूसरा बड़ा कदम है..., न्याय को गांव की चौखट तक ले जाना.... प्रदेश में 110 ग्राम न्यायालय पहले से काम कर रहे हैं... और इनकी संख्या और बढ़ाई जाएगी.... ये अदालतें ज़मीन के छोटे-मोटे विवाद गांव में ही निपटा देती हैं,... जिससे लोगों का पैसा और समय बचता है, ...और बड़ी अदालतों का बोझ भी हल्का होता है....इन सभी योजनाओं के केंद्र में आप हैं.... तो आपके लिए इसका सीधा मतलब क्या है....पहला, तेज न्याय... जब जजों पर बोझ कम होगा और अदालतें मॉडर्न होंगी..., तो केस तेजी से निपटेंगे...दूसरा, है सस्ता न्याय... जब मामले जल्दी निपटेंगे, तो वकील की फीस, आने-जाने का खर्च और ...काम से छुट्टी का नुकसान भी कम होगा....और तीसरा, है...आसान न्याय... ग्राम न्यायालयों और टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से न्याय तक आपकी पहुंच आसान हो जाएगी... और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी...तो, सीएम योगी का यह 50 करोड़ का फंड ...सिर्फ एक आर्थिक मदद नहीं,... बल्कि उत्तर प्रदेश के जस्टिस सिस्टम में ...एक नए चैप्टर की शुरुआत है.... यह एक ऐसा निवेश है,... जिसका रिटर्न तेज और आसान न्याय के रूप में ..प्रदेश के हर नागरिक को मिलेगा...इस बड़े फैसले पर आपकी क्या राय है?... क्या आपको लगता है कि... इससे वाकई उत्तर प्रदेश में न्याय की तस्वीर बदलेगी? ....अपने विचार हमें नीचे कमेंट्स में बताएं....और अगर यह जानकारी अच्छी लगी हो...., तो वीडियो को लाइक करें, शेयर करें और हमारे चैनल को सब्सक्राइब करना न भूलें..... धन्यवाद.