न्यू ईयर 2026 से पहले देशभर में डिलीवरी वर्कर्स की हड़ताल

नए साल 2026 के जश्न से ठीक पहले…देशभर के ऑनलाइन डिलीवरी वर्कर्स ने…राष्ट्रव्यापी हड़ताल का ऐलान कर दिया है।…स्विगी, जोमैटो, ब्लिंकिट,अमेज़न और फ्लिपकार्ट के लिए काम करने वाले लाखों…. डिलीवरी पार्टनर्स आज या तो लॉग-इन नहीं करेंगे….या बेहद सीमित समय के लिए एक्टिव रहेंगे।… क्योंकि आज 10 मिनट में डिलीवरी का दबाव झेलने वाले…डिलीवरी पार्टनर्स सड़कों पर उतर आए हैं।….कमाई सिर्फ 700 रुपए…काम 15 से 16 घंटे…और ज़िंदगी हर दिन जोखिम में।...एक तरफ देश जश्न की तैयारी में है…तो दूसरी तरफ डिलीवरी वर्कर्स
अपनी बुनियादी ज़रूरतों के लिए आवाज़ उठा रहे हैं।…इस हड़ताल का सीधा असर
न्यू ईयर शॉपिंग और पार्टी प्लान्स पर पड़ सकता है।….ऑनलाइन ऑर्डर किया गया खाना,
ग्रोसरी, गिफ्ट्स और जरूरी सामान….समय पर न पहुंचने की संभावना है।…खासतौर पर
मुंबई, पुणे, दिल्ली, कोलकाता जैसे मेट्रो शहरों के साथ-साथ….अहमदाबाद, लखनऊ, जयपुर, इंदौर, पटना जैसे टीयर-2 शहरों में भी…परेशानी बढ़ सकती है।….इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल का नेतृत्व
तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म्स वर्कर्स यूनियन….और इंडियन फेडरेशन ऑफ ऐप-बेस्ड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स कर रही है।….कर्नाटक, महाराष्ट्र, दिल्ली-NCR,….पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु की यूनियन भी…इस आंदोलन का हिस्सा हैं।….यूनियनों का दावा है कि देशभर में 1 लाख से ज्यादा डिलीवरी वर्कर्स….आज काम नहीं करेंगे।…वर्कर्स का कहना है कि 10 मिनट डिलीवरी मॉडल…उनकी जान पर भारी पड़ रहा है।….तेज़ी के दबाव में….हादसे, चोट और मानसिक तनाव…आम हो चुके हैं।…धूप हो, बारिश हो या कड़ाके की ठंड…काम तो करना ही पड़ता है,लेकिन बदले में…न स्वास्थ्य बीमा,न दुर्घटना कवर,न पेंशन की कोई गारंटी।….क्रिसमस के दिन भी
इसी मुद्दे पर हड़ताल हुई थी,…लेकिन कंपनियों ने..अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया।…डिलीवरी वर्कर्स की प्रमुख मांगें ये हैं…. 10 मिनट डिलीवरी मॉडल तुरंत बंद किया जाए….फेयर और ट्रांसपेरेंट वेतन सिस्टम लागू हो…..हेलमेट, रेनकोट और सेफ्टी गियर दिए जाएं…. बिना प्रक्रिया के आईडी ब्लॉक और पेनल्टी बंद हो…. ब्रेक और वर्किंग लिमिट तय की जाए…. एल्गोरिदम के ज़रिए भेदभाव खत्म हो…. प्लेटफॉर्म और कस्टमर से सम्मानजनक व्यवहार मिले…. हेल्थ इंश्योरेंस, पेंशन और एक्सीडेंट कवर मिले….और तकनीकी सपोर्ट मजबूत किया जाए..जिसके बाद देश भर में सवाल उठ रहे है....क्या तेज़ डिलीवरी से ज्यादा... इंसानी ज़िंदगी की कीमत नहीं होनी चाहिए?