IAS संतोष वर्मा का नया विस्फोटक बयान! हाईकोर्ट पर सीधा निशाना


     हाईकोर्ट ने सिविल जज नहीं बनने दिया? IAS संतोष वर्मा का दावा वायरल
 IAS संतोष वर्मा की एक और बयानबाज़ी… और इस बार निशाने पर हाईकोर्ट!
गुजरते दिनों में ब्राह्मण बेटियों पर विवादित टिप्पणी के बाद,…. अब IAS संतोष वर्मा ने एक नया और…. और भी संवेदनशील बयान देकर माहौल पूरी तरह गरमा दिया है।…अजाक्स के सम्मेलन में उन्होंने कहा…एससी-एसटी के बच्चों को सिविल जज कोई और नहीं,… बल्कि हाईकोर्ट नहीं बनने दे रहा है।….इसी हाईकोर्ट से हम संविधान के हिसाब से चलने की गारंटी मांगते हैं।….उनके इस कथन ने पहले से ही चल रहे विवाद को आग की लपटों की तरह फैला दिया है।…अपने संबोधन में संतोष वर्मा ने कहा कि…एससी-एसटी वर्ग के बच्चे IAS, IPS, Deputy Collector, DSP तक बन सकते हैं….लेकिन “उन्हें सिविल जज बनने नहीं दिया जा रहा।”उन्होंने आरोप लगाया कि….एग्जाम में 49.95 नंबर देकर रोक दिया जाता है,…. 50 नहीं दिए जाते।….इंटरव्यू में 20 नहीं, 19.5 दिए जाते हैं।….और यह सब “हाईकोर्ट से हो रहा है”, ऐसा उनका दावा था।…उन्होंने आगे कहा…जब हमारे बच्चे ही सिविल जज नहीं बनेंगे… तो हाईकोर्ट जज कौन बनेगा?...हमारा बीज खत्म किया जा रहा है।…यह बयान सोशल मीडिया में झटपट वायरल हो गया।…उनका एक और वीडियो सामने आया, जिसमें वे कहते हुए दिखे…कितने संतोष वर्मा को मारोगे?...अब हर घर से एक संतोष वर्मा निकलेगा…इस बयान ने स्थिति को और विस्फोटक बना दिया।…जिसके लिए IAS संतोष वर्मा पर सरकार की चुप्पी से नाराज़ सवर्ण और... कई सामाजिक संगठन अब खुलकर सड़कों पर उतरने की तैयारी में हैं।...सोशल मीडिया पर खुलेआम अभियान चल रहा है…नाम दिया गया है “ऑपरेशन बगावत” और “ऑपरेशन अस्मिता”।...और अपील में कहा गया है....अब और नहीं… 14 दिसंबर को भोपाल पहुँचो और अपनी आवाज़ CM हाउस तक ले जाओ।...संगठनों की मांगें है की...बेटियों के सम्मान से खिलवाड़ बंद हो....IAS संतोष वर्मा पर कार्रवाई....एससी-एसटी एक्ट की समीक्षा...और धर्मांतरण पर कठोर कार्रवाई....आज भोपाल में सर्व समाज की बैठक भी होने वाली है,..... जिसमें आंदोलन का रोडमैप तय किया जाएगा।...ब्राह्मण संगठनों का आरोप है कि इतनी तीखी और विभाजनकारी बयानबाज़ी के बाद भी...सरकार चुप क्यों है?....IAS आचरण नियमों के तहत कार्रवाई क्यों नहीं?....आज मंत्रालय अधिकारी कर्मचारी सेवा संघ की ओर से भी....एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है।....दोस्तों! यह मामला सिर्फ एक बयान का नहीं—यह सवाल है....संविधान, समाज और व्यवस्था की संवेदनशीलता का।...