इंदौर में पानी बना ज़हर! हैजा फैलाने वाला बैक्टीरिया मिला


 अगर एक गिलास पानी मौत की वजह बन जाए….तो इंदौर के भागीरथपुरा में
दूषित पानी ने ऐसा कहर बरपाया है….कि अब तक 17 लोगों की जान जा चुकी है…और 110 मरीज अभी भी अस्पतालों में भर्ती हैं....15 ICU में हैं...और 2 की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है।...एक हफ्ते पहले यह आंकड़ा 398 तक पहुंच गया था,जिससे पूरे इलाके में...हड़कंप मच गया।..अस्पताल सूत्रों के मुताबिक...सबसे पहले 28 दिसंबर को..भागीरथपुरा के एक बच्चे में
हैजा जैसे लक्षण पाए गए।...सरकारी अस्पताल की लैब रिपोर्ट में...हैजा जैसे सिम्टम्स की पुष्टि हुई। फिर 30 दिसंबर को.एक और बच्चे को भर्ती कराया गया…उसकी रिपोर्ट में भी
वही खतरनाक लक्षण सामने आए।....अगर उस वक्त इन संकेतों को गंभीरता से न लिया जाता,
तो हालात..और भी भयावह हो सकते थे।...इसके बाद
20 बच्चों को...चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय में भर्ती किया गया।...अब तक 10 बच्चों को डिस्चार्ज किया जा चुका है,..जबकि 10 का इलाज जारी है।...लेकिन
5 महीने के मासूम अव्यान की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया।...आज हालात ऐसे हैं
कि हर मां...अपने बच्चे को गोद में लेकर..अस्पताल की ओर भाग रही है।...डर इतना बढ़ गया है कि छात्र और कामकाजी लोग इंदौर छोड़कर...अपने घर लौटने लगे हैं।....जांच में
पानी में पाए गए....फीकल कॉलिफॉर्म, ई कोलाई , विब्रियो ,प्रोटोजोआ...और सबसे खतरनाक — विब्रियो कोलेरी…..यानी हैजा फैलाने वाला बैक्टीरिया।….एक्सपर्ट्स का कहना है…कि ड्रेनेज लाइन का पानी.... पीने के पानी में…सीपेज के जरिए मिला।….बता दे की ड्रेनेज के पानी में
मल-मूत्र,साबुन, केमिकल,और टॉक्सिक वेस्ट होता है…और यही टॉक्सिक वेस्ट पीने के पानी में…सीपेज के जरिए मिल गया.... मतलब साफ है मल-मूत्र, केमिकल और टॉक्सिक वेस्ट
लोगों को पिलाया गया…और नाम दिया गया…पानी की सप्लाई…जो इस त्रासदी की वजह बना। ….डॉक्टरों ने अपील की है....उबला पानी पिएं, टंकियों का क्लोरिनेशन कराएं,और लक्षणों को नजरअंदाज न करें।….लेकिन सरकार से सवाल ये है…क्या जनता अब खुद ही
अपनी जान बचाए?...यह सिर्फ खबर नहीं…यह सिस्टम के मुंह पर
एक तमाचा है।…