ट्रम्प का 100 अरब डॉलर का टैरिफ घोटाला उजागर
2017–18 में ट्रंप ने ‘America First’ पॉलिसी के नाम पर चीन और बाकी देशों के खिलाफ टैरिफ लगा दिए।
टैरिफ यानी imported माल पर extra tax, ताकि Chinese माल महंगा हो जाए और American products बिकने लगें।
सुनने में तो आसान लगता है, है ना?
लेकिन गड़बड़ ये थी कि ट्रंप ने ये सब एक पुराने क़ानून के तहत किया – IEEPA (International Emergency Economic Powers Act 1977).
ये कानून emergency के वक्त इस्तेमाल होता है, जब President को foreign trade control करना होता है।
लेकिन Congress ने इस कानून में tariffs लगाने की power दी ही नहीं थी।
तो कोर्ट ने बोला – ‘भाई, emergency का मतलब emergency होता है, permanent trade war नहीं!’ ????"
"अब 7-4 के decision में Federal Appeals Court ने कह दिया –
ट्रंप के ज़्यादातर tariffs illegal हैं।
सिर्फ steel और aluminum वाले tariffs बचे हैं, क्योंकि वो अलग law के तहत लगे थे।
हाँ, ruling तुरंत लागू नहीं होगी।
14 अक्टूबर तक stay है, ताकि Trump के वकील Supreme Court में appeal कर सकें।
मतलब picture अभी बाकी है, लेकिन interval में ही Trump जी ज़ोर-ज़ोर से चिल्ला रहे हैं।"
"जैसे ही फैसला आया, Trump तुरन्त Truth Social पर कूद पड़े और लिख दिया –
‘अगर tariffs हट गए तो America पूरी तरह तबाह हो जाएगा।’
अरे भैया, America 250 साल से बिना आपके tariffs के भी जिंदा है… अब सिर्फ आप ही देश के तारणहार हो? Wah! ????
और सबसे मजेदार – एक Obama-appointed judge ने Trump के support में dissent लिख दिया।
तो Trump ने तुरंत उसकी तारीफ शुरू कर दी।
मतलब कल तक तो Obama वाले थे ‘worst ever’,
और आज judge ने support कर दिया तो बन गए ‘very fair man’!
Trump की dosti-दुश्मनी दोनों instant coffee की तरह – 2 सेकंड में ready! ????"
"दोस्तों, मसला सिर्फ राजनीति का नहीं है – असर आम जनता पर भी है।
Economists कह रहे हैं – अगर court ruling लागू हो गई, तो America को शायद 100 billion dollars तक refund करना पड़ेगा importers को।
Goldman Sachs ने estimate निकाला था कि Trump के tariffs की वजह से US consumers पर extra 22% का burden पड़ा।
और अगर ये सब पलटा गया तो ये burden 70% तक पहुँच सकता है।
मतलब American जनता की जेब तो वैसे ही खाली थी, Trump ने उसे और सुखा दिया।"
"Politically भी ये ruling Trump के लिए बड़ा झटका है।
Election season करीब है और उनका पूरा ‘America First’ का narrative इन्हीं tariffs पर टिका था।
अब कोर्ट कह रही है – ‘भाई, आपने power का misuse कर दिया।’
Opposition को तो masala मिल गया –
वो कह रहे हैं कि Trump ने अपनी powers का गलत इस्तेमाल कर American public को महंगाई का तोहफा दे दिया।
और Trump वही पुराना dialogue – ‘अगर मैं न होता तो China America खा जाता।’
मतलब ekdum Bollywood villain vs hero वाली fight!"
"तो दोस्तों, अगला कदम होगा Supreme Court का।
वहीं decide होगा कि Trump ने emergency powers का सही इस्तेमाल किया था या नहीं।
अगर Supreme Court ने भी illegal बोल दिया, तो imagine करो – America को दुनियाभर के importers को पैसा लौटाना पड़ेगा!
और Trump? Trump फिर से चिल्लाएंगे – ‘देश खतरे में है!’
लेकिन इस बार उनकी आवाज़ कोर्ट सुनेगी या नहीं, यही देखने लायक होगा।
अब आप बताइए – आपको लगता है Trump सच में देश बचा रहे थे,
या बस trade war के नाम पर अपनी politics खेल रहे थे?
PUSHPANJALI PANDEY 