साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचे भगवान सिंह

 आपने कभी किसी को साइकिल से.... माउंट एवरेस्ट बेस कैंप तक जाते देखा है... मध्यप्रदेश के भोपाल के साहसी युवक... भगवान सिंह ने यह नामुमकिन काम कर दिखाया... और इतिहास रच दिया... भगवान सिंह ने दुनिया में वो कर दिखाया, ....जो किसी ने पहले नहीं किया था।.... उन्होंने 5,364 मीटर की ऊंचाई पर.... स्थित माउंट एवरेस्ट बेस कैंप तक.... एमटीबी बाइक से पहुँचकर विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किया।...यह सफर आसान नहीं था।.... भगवान सिंह ने इसे सिर्फ 9 दिनों में पूरा किया।.... रास्ते में दुर्गम और बर्फीले ट्रैक,.... पत्थरीली चढ़ाई, माइनस तापमान और... ऑक्सीजन की कमी जैसी कठिन चुनौतियों का सामना करना पड़ा।..... कई जगह उन्हें बाइक खुद उठाकर ले जानी पड़ी,.... लेकिन मातृभूमि का तिरंगा फहराने का सपना हर थकान पर भारी रहा।...भगवान सिंह ने एवरेस्ट बेस कैंप से अपने अनुभव साझा किया....उन्होने कहा आज तक एमटीबी बाइक एवरेस्ट बेस कैंप तक नहीं आई थी।.... मैंने भारत की तरफ से कोशिश की और नौ दिन की मेहनत के बाद ....इसे सफलतापूर्वक ऊपर लाया। ....मेरे साथ आशीष और तेजिंग शेरपा ने सपोर्ट किया।.... आज मैं अपने देश का तिरंगा फैला रहा हूं....भगवान सिंह की यह उपलब्धि न केवल मध्यप्रदेश, ....बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।..... उन्होंने साबित कर दिया कि मजबूत इरादों के सामने पहाड़ भी झुक जाते हैं....उनकी साहसिक उपलब्धियां सिर्फ एवरेस्ट तक सीमित नहीं हैं..उन्होने 2016 में माउंट एवरेस्ट (8,848 मीटर) पर चढ़कर.... मध्यप्रदेश का पहला पर्वतारोही बनने का गौरव प्राप्त किया।..... 2024 में ऑस्ट्रेलिया की सबसे ऊंची चोटी ...माउंट कोजिअस्को (2,228 मीटर) पर तिरंगा फहराया और.... राष्ट्रगान गाने वाले पहले भारतीय बने।.... लद्दाख के पांगोंग झील पर 45 डिग्री तापमान में.... 14,600 फीट पर 21 किमी हाफ मैराथन पूरी कर... गिनीज बुक में नाम दर्ज कराया।.... वहीं, दुनिया की सबसे ऊंची सड़क... खारदुंग ला ....(18,380 फीट) पर 600 किमी साइकिलिंग तीन साल लगातार की।.... उमलिंग ला दर्रा (19,300 फीट) पर 368 किमी साइकिल से चढ़ाई कर ....भारत के पहले राइडर बने।.... हिमाचल की फ्रेंडशिप पीक (17,346 फीट) पर तिरंगा फहराया। ....उन्होंने 114 मैराथन पूरी कीं,.... 200 से ज्यादा राष्ट्रीय ट्रेकिंग में हिस्सा लिया। ....साहसिक खेलों में विक्रम अवॉर्ड जीता...., 8 बार बेस्ट साइकिलिस्ट चुने गए।.... रॉक क्लाइम्बिंग, ट्रेकिंग, रेसलिंग, आइस क्लाइम्बिंग और ....माउंटेन साइक्लिंग में प्रदेश का नाम रोशन किया।...दोस्तो भगवान सिंह की कहानी हमें सिखाती है कि... हिम्मत, धैर्य और मातृभूमि प्रेम से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। ...उनकी साहसिक उपलब्धियां देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं..