बांधवगढ़ में हाथियों की शाही मेहमाननवाज़ी

"क्या आपने कभी हाथियों को स्पा लेते.... मसाज करवाते और शहद लगी रोटियां खाते देखा है?… नहीं न लेकिन मध्यप्रदेश के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में.... इन दिनों कुछ ऐसा ही नज़ारा देखने को मिल रहा है...… जहां हाथियों की खातिरदारी किसी राजा-महाराजा से कम नहीं की जा रही....बाघों के लिए मशहूर उमरिया के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में.... इन दिनों अफसर और कर्मचारी.... जंगल के सबसे बड़े और ताकतवर प्राणियों – हाथियों – की सेवा में लगे हैं।.... और यह सेवा कोई आम सेवा नहीं,.... बल्कि “स्पा, मालिश और मेकअप” से शुरू होकर... शाही लंच और आराम तक चलती है।... सुबह-सुबह हाथियों का पूरा मेडिकल चेकअप किया जाता है।... फिर शुरू होता है उनका स्पा सेशन ....– जिसमें उन्हें नहलाया जाता है,..... उनकी स्किन की सफाई होती है और.... कीचड़-मिट्टी से उन्हें पूरी तरह साफ किया जाता है।..... इसके बाद बारी आती है.... मालिश और मेकअप की..... जिससे उनका शरीर रिलैक्स हो सके ....और स्किन कोमल बनी रहे....दोपहर होते-होते हाथियों को परोसा जाता है ....शाही भोजन – जिसमें होती हैं शहद लगी रोटियां,.... सेब, केले, अनानास, गन्ना और कई तरह के फल।.... इतना ही नहीं, खाने के बाद उनके लिए आराम का भी पूरा इंतज़ाम होता है, ....ताकि उनकी थकान पूरी तरह दूर हो जाए..दरअसल हर साल अगस्त के दूसरे पखवाड़े से.... सितंबर के आखिरी सप्ताह तक... नेशनल पार्कों में यह खास ...“रिजुविनेशन कैंप”.... यानी कायाकल्प शिविर लगाया जाता है।.... यह परंपरा 2011 से चली आ रही है...बांधवगढ़ के ताला परिक्षेत्र में यह कैंप ...24 सितंबर से 30 सितंबर तक चल रहा है।.... इस बार इसमें 15 हाथी हिस्सा ले रहे हैं ....– जिनमें 9 नर, 6 मादा और 3 बच्चे शामिल हैं।.... इनमें सबसे बुजुर्ग हाथी.... 79 साल का गौतम है, ...जिसे 1978 में कान्हा टाइगर रिजर्व से बांधवगढ़ लाया गया था.... बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्ट....र अनुपम सहाय के मुताबिक...., इस कैंप का उद्देश्य न केवल हाथियों को ....हेल्थ चेकअप और आराम देना है, ....बल्कि स्थानीय लोगों को भी वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक करना है।.... साथ ही, हाथियों की स्वास्थ्य रिपोर्ट और उनके व्यवहार से जुड़ी जानकारी भी ....इस दौरान तैयार की जाती है।...तो दोस्तों, ये हाथियों का 'स्पा डे' हमें याद दिलाता है कि ...प्रकृति के संरक्षण में हमारी जिम्मेदारी कितनी बड़ी है। ...अगर आप बांधवगढ़ घूमने का प्लान बना रहे हैं,.... तो इस शिविर के दौरान जरूर जाएं.....– हाथियों की ये रॉयल खातिरदारी देखने लायक है! ..