मछली परिवार की कोठी पर फिर चला बुलडोजर
भोपाल का वो बदनाम आपराधिक परिवार,... जिसने सरकारी जमीन पर करोड़ों का आलीशान महल खड़ा कर दिया था... शायद उन्होंने सोचा था कि ...उनके जुर्म का साम्राज्य हमेशा कायम रहेगा, ...लेकिन अब वक्त बदल चुका है.. आज हम आपको उस कार्रवाई की पूरी कहानी दिखाएंगे ...जिसने भोपाल के क्राइम वर्ल्ड में खलबली मचा दी और ...मछली परिवार के अवैध किले को मिट्टी में मिला दिया...ये तस्वीरें सीधी भोपाल के हथाईखेड़ा इलाके की हैं..., जहां गुरुवार, 21 अगस्त की सुबह पुलिस और प्रशासन का भारी अमला तैनात था... छह विशालकाय बुलडोजरों के निशाने पर थी... वो चार मंजिला आलीशान कोठी,.... जो कल तक 'मछली परिवार' के आतंक का प्रतीक थी... 25 करोड़ की ये कोठी,... 15,000 स्क्वायर फीट की सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करके बनाई गई थी...इस कहानी के मुख्य किरदार हैं... शाहवर मछली और उसका भतीजा यासीन मछली... इनका काम था ड्रग्स, ब्लैकमेलिंग और जमीनों पर अवैध कब्जे का... ये राजस्थान जैसे राज्यों से ड्रग्स लाकर... भोपाल के युवाओं को बेचते थे... इनका सबसे घिनौना खेल था... कॉलेज की छात्राओं को निशाना बनाना... उन्हें पहले ड्रग्स की लत लगाई जाती और फिर... आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया जाता था..और अपराध की काली कमाई से इस परिवार ने ...हथाईखेड़ा इलाके में 15,000 स्क्वायर फीट की सरकारी जमीन पर....अपनी अय्याशी का यह महल खड़ा किया था...25 करोड़ की अनुमानित लागत वाली यह कोठी... बाहर से किसी बड़े बिजनेसमैन का घर लगती थी, ...लेकिन इसकी नींव अवैध कब्जे और लोगों का हक मारकर रखी गई थी...लेकिन हर जुर्म का अंत होता है... मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद,... प्रशासन ने ड्रग्स माफिया के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई...शाहवर और यासीन की गिरफ्तारी के बाद,... गुरुवार, 21 अगस्त की सुबह,.. प्रशासन और पुलिस की टीम हथाईखेड़ा पहुंची... पहले कोठी का सामान बाहर निकाला गया और फिर ...6 बुलडोजरों ने एक साथ उस आलीशान कोठी को मलबे के ढेर में तब्दील कर दिया...यह कार्रवाई एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा थी... यासीन और शाहवर की गिरफ्तारी के बाद उनके चाचा... शारिक मछली को भी गिरफ्तार किया गया,... यह उन सभी के लिए एक सीधी चेतावनी है... जो खुद को कानून से ऊपर समझते हैं..मछली परिवार पर हुई इस बुलडोजर कार्रवाई के बारे में आपकी क्या राय है?.. हमें कमेंट्स में जरूर बताएं।