इस मन्दिर में चढ़ती है भगवान को मीट और शराब

 इस मन्दिर में चढ़ती है भगवान को मीट और शराब
भक्ति का नया रूप कहीं चढ़ती है शराब तो कहीं सिगरेट हमारा देश — भारत, आस्था और परंपराओं का अद्भुत संगम है…
जहाँ हर मंदिर की अपनी अनोखी परंपरा है..यहां भगवान को सिर्फ फल, फूल और दूध ही नहीं चढ़ाया जाता...उज्जैन के काल भैरव मंदिर में भगवान को शराब चढ़ाई जाती है......वहीं हिमाचल के लुटरू महादेव को भांग की सिगरेट (चिलम) अर्पित की जाती है...भक्तों का विश्वास है — इससे महादेव प्रसन्न होकर मनोकामना पूरी करते हैं।...मुराई के एक मंदिर में भगवान को डोसा चढ़ाया जाता है..क्योंकि यहाँ भगवान को दक्षिण भारतीय स्वाद सबसे प्रिय माना गया है।.

..अब ज़रा सुनिए — जौनपुर के ब्रह्मा बाबा मंदिर की कहानी..जहां एक व्यक्ति ने बाबा से ड्राइवर बनने की मन्नत मांगी थी…मन्नत पूरी हुई तो उसने बाबा को घड़ी चढ़ाई।...और तब से… जो भी भक्त बाबा से अपनी इच्छा पूरी करवाता है,..वो नई घड़ी चढ़ाकर धन्यवाद करता है।...वहीं जालंधर के एक गुरुद्वारे में भक्त टॉय एयरप्लेन चढ़ाते हैं...ताकि उनका वीजा जल्दी अप्रूव हो जाए।...और 52 शक्तिपीठों में से एक — पश्चिम बंगाल के तारापीठ मंदिर में...मां को भुनी हुई मछली का भोग लगाया जाता है यानी हर आस्था की अपनी भाषा है,...हर श्रद्धा का अपना रूप।..अब आप बताइए आप किस रूप में भगवान को मानते हैं?