काले झंडों के बीच राहुल का फ्लाइंग किस… BJP समर्थक चुप

 राजनीति में कभी-कभी बड़े-बड़े भाषण वो कमाल नहीं कर पाते,... जो एक छोटा सा इशारा कर जाता है.... बिहार की गरमाई सियासत में कुछ ऐसा ही देखने को मिला.... जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ विरोध चरम पर था,... BJP समर्थकों की भीड़ ने उन्हें काले झंडे दिखाए,... तो उन्होंने अपनी गाड़ी रुकवाई, मुस्कुराए, और विरोध कर रही भीड़ की तरफ एक 'फ्लाइंग किस' उछाल दिया.... ये सिर्फ एक इशारा नहीं था,... ये एक ऐसा राजनीतिक पलटवार था ...जिसने पूरे खेल का नैरेटिव ही बदल दिया.... पूरा मामला बिहार का है...जहां कांग्रेस की 'वोटर अधिकार यात्रा कर रही है...'. ये कोई आम यात्रा नहीं है.... 17 अगस्त को सासाराम से शुरू हुई ...ये 16-दिवसीय यात्रा, ...जो 1 सितंबर को पटना में खत्म होगी,... एक बेहद संवेदनशील मुद्दे पर आधारित है.... कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों का आरोप है कि... चुनाव आयोग मतदाता सूची में जो बदलाव कर रहा है,... उसमें बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की जा रही है.... उनका दावा है कि ये एक 'वोट चोरी' की साज़िश है...., जिसके तहत जानबूझकर दलित, आदिवासी..., मुस्लिम और गरीब तबकों के लाखों वोटर्स के नाम लिस्ट से हटाए जा रहे हैं...
ये यात्रा 1300 किलोमीटर से ज़्यादा की दूरी तय करते हुए ...बिहार के 23 से ज़्यादा जिलों और 50 विधानसभा क्षेत्रों से गुज़रेगी. ...इसका मकसद सिर्फ वोटिंग लिस्ट में कथित गड़बड़ी के खिलाफ जागरूकता फैलाना नहीं..., बल्कि बिहार विधानसभा चुनाव के लिए माहौल बनाना भी है.... इस यात्रा में राहुल गांधी के साथ तेजस्वी यादव जैसे.. इंडिया गठबंधन के नेता भी शामिल हैं..., जो इसे एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन बनाता है.... कांग्रेस का कहना है कि ये 'एक व्यक्ति-एक वोट' के संवैधानिक अधिकार को बचाने की लड़ाई है....जिसके चलते, इस यात्रा से बिहार की सियासत में उबाल आ गया. है...और BJP ने इसे विपक्ष का पॉलिटिकल स्टंट बताते हुए खारिज कर दिया.... बिहार BJP अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने इसे "पंक्चर यात्रा" कहा, ....तो वहीं राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि... ऐसी यात्राओं से कुछ नहीं होने वाला.... BJP के सोशल मीडिया हेड ने तो इसे 'घुसपैठिया बचाव यात्रा' तक कह दिया..., और आरोप लगाया कि ये यात्रा बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों को वोट का अधिकार दिलाने के लिए है.....वोटर अधिकार यात्रा' के तीसरे दिन.... राहुल गांधी का काफिला गया से नवादा की ओर बढ़ रहा था.... एक तरफ राहुल का स्वागत हो रहा था,...और वो लोगों से मिल रहे थे, बच्चों को टॉफियां बांट रहे थे..., तो दूसरी तरफ उनके खिलाफ विरोध की आग भी सुलग रही थी.... नवादा के हिसुआ इलाके में पहले से ही तनाव था..., जहां प्रधानमंत्री मोदी के होर्डिंग पर राहुल गांधी का पोस्टर लगाने को लेकर कांग्रेस और... BJP कार्यकर्ताओं में बहस हो चुकी थी....BJP के पूर्व विधायक अनिल सिंह ने चेतावनी दी थी कि... अगर पोस्टर नहीं हटा तो राहुल को काले झंडे दिखाए जाएंगे....और हुआ भी ठीक वही. जैसे ही राहुल गांधी का काफिला... हिसुआ पुलिस थाने के पास पहुंचा, ...पहले से तैयार BJP समर्थकों ने उन्हें काले झंडे दिखाने शुरू कर दिए.... 'राहुल गांधी मुर्दाबाद' और 'मोदी-मोदी' के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा..... प्रदर्शनकारियों का मकसद साफ था - राहुल की यात्रा में खलल डालना और... ये संदेश देना कि बिहार में उनका स्वागत नहीं है.... वो राहुल एक रिएक्शन चाहते थे..., , जिसे वो अपनी जीत बता सकें...तभी नारों और काले झंडों के शोर के बीच राहुल गांधी ने... अपने सुरक्षाकर्मियों को काफिला रोकने का इशारा किया. .. फिर राहुल ने 
पहले मुस्कुराते हुए भीड़ की ओर देखा..., उन्हें एक 'थम्स-अप' का इशारा किया, और ...फिर विरोधियों की तरफ एक 'फ्लाइंग किस' उछाल दिया....इसके बाद. जो समर्थक पूरे जोश में नारे लगा रहे थे..., वो अचानक अवाक रह गए.... वो गुस्से के जवाब में गुस्से के लिए तैयार थे,... पर उन्हें बदले में प्यार का ये अप्रत्याशित प्रदर्शन मिला....काग्रेसियों का कहना है की ये गांधीगीरी का एक मॉडर्न वर्ज़न था, ...जहां नफरत का जवाब मोहब्बत से दिया गया....बता दे की  बिहार में दिया गया ये फ्लाइंग किस कोई अकेली घटना नहीं है.... इसी तरह जुलाई 2018, जब संसद में बहस के दौरान राहुल अपनी सीट से उठकर सीधे प्रधानमंत्री... नरेंद्र मोदी के पास गए और उन्हें गले लगा लिय था..... फिर अपनी सीट पर लौटकर उन्होंने साथी सांसद को आंख मारी,... जिसका वीडियो खूब वायरल हुआ.... आलोचकों ने इसे 'नाटक' कहा, तो समर्थकों ने 'नफरत के बदले मोहब्बत' की राजनीति की शुरुआत बताया...
फिर अगस्त 2023 में लोकसभा में ...उन पर BJP सांसदों की ओर 'फ्लाइंग किस' करने का आरोप लगा.... केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए.. इसे अभद्र व्यवहार बताया था. हालांकि कांग्रेस का कहना था कि ये इशारा किसी एक व्यक्ति के लिए नहीं था....
तो सवाल ये है कि आखिर इस पूरी घटना का मतलब क्या है?... क्या ये सिर्फ एक नेता का मज़ाकिया अंदाज़ था या... भारतीय राजनीति में एक नए तरह के पलटवार का संकेत?... 
इस पूरी घटना पर आपकी क्या राय है?... क्या आप इसे एक राजनीतिक मास्टरस्ट्रोक मानते हैं या... एक गैर-गंभीर हरकत? ...हमें कमेंट्स में ज़रूर बताएं.... और ऐसे ही दिलचस्प राजनीतिक विश्लेषण के लिए, हमारे चैनल को सब्सक्राइब करना न भूलें...