कैंसर रोगियों पर सुधार के संकेत ! देवी अहिल्या हॉस्पिटल में उच्चस्तरीय समीक्षा
देवी अहिल्या कैंसर हॉस्पिटल में ऐतिहासिक दिन — आयुष मंत्रालय के प्रमुख सलाहकार डॉ. अशोक कुमार वार्ष्णेय का दौरा, इलेक्ट्रो होम्योपैथी उपचार व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा
देवी अहिल्या कैंसर हॉस्पिटल के लिए आज का दिन अत्यंत ऐतिहासिक रहा, जब आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के प्रमुख सलाहकार, राष्ट्रीय नीति सदस्य तथा आरोग्य भारती के राष्ट्रीय संगठन सचिव डॉ. अशोक कुमार वार्ष्णेय ने अस्पताल का दौरा किया। उनके आगमन का उद्देश्य कैंसर रोगियों पर अपनाई जा रही इलेक्ट्रो होम्योपैथी उपचार-व्यवस्था और उससे मिल रहे परिणामों की प्रत्यक्ष समीक्षा करना था।
अस्पताल द्वारा तैयार प्रस्ताव का अवलोकन
दौरे के दौरान अस्पताल के निदेशक अजय हार्डिया ने उन्हें विस्तृत रिपोर्ट “Establishing Electro Homeopathy as a Legitimate Medical System – A Comprehensive Proposal for Inspection, Trials & Recognition” प्रस्तुत की।
इस प्रस्ताव में उपचार-प्रणाली, शोध एवं परीक्षणों की आवश्यकता, रोगियों के परिणाम तथा नीति-स्तर पर मान्यता के लिए आवश्यक कदमों का विस्तृत विवरण शामिल था।
डॉ. वार्ष्णेय ने प्रस्ताव को अत्यंत ध्यानपूर्वक पढ़ा और विशेष रूप से उन विश्लेषित केस स्टडीज़ की सराहना की, जिनमें गंभीर अवस्था वाले आठ कैंसर रोगियों की प्रगति का विवरण था। इनमें—
• फेफड़े, यकृत, मुख, पित्ताशय, स्तन, मलाशय तथा अन्य कैंसर शामिल थे।
• कई रोगियों में दर्द, रक्तस्राव, खाँसी, अल्सर, कमजोरी एवं जटिल लक्षणों में उल्लेखनीय सुधार पाया गया।
• कुछ मामलों में रोग स्थिर हुआ, कुछ में ट्यूमर सक्रियता कम हुई और कुछ रोगियों की जीवन-गुणवत्ता में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी दर्ज की गई।
यद्यपि रोगियों के नाम गोपनीय रखे गए, लेकिन उनके परिणाम इलेक्ट्रो होम्योपैथी उपचार प्रणाली की संभावित प्रभावशीलता का महत्वपूर्ण संकेत देते हैं।
डॉ. अशोक कुमार वार्ष्णेय का प्रेरक संदेश
इससे पहले 4 दिसंबर 2024 को भोपाल में आयोजित राष्ट्रीय इलेक्ट्रो होम्योपैथी दिवस पर डॉक्टरों को संबोधित करते हुए डॉ. वार्ष्णेय ने कहा था कि:“डॉ. अजय हार्डिया द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य और डेटा निःसंदेह प्रभावकारी हैं और यह पद्धति के वैज्ञानिक आधार को और मजबूत करेंगे। जिस प्रकार अन्य चिकित्सा पद्धतियाँ निरंतर विकसित हो रही हैं, उसी प्रकार इलेक्ट्रो होम्योपैथी भी सतत प्रगति पर है। शोधकर्ता और चिकित्सक लगातार परिश्रम करें, डेटा एकत्रित करें, परिणाम साझा करें और जहाँ संभव हो उन्हें प्रकाशित करें—क्योंकि यही सामूहिक प्रयास एक दिन इलेक्ट्रो होम्योपैथी को भारत सरकार से औपचारिक मान्यता दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।”
आज अस्पताल में गंभीर अवस्था वाले रोगियों को लाभ मिलता देख उनका विश्वास और मजबूत हुआ। उन्होंने कहा— “इलेक्ट्रो होम्योपैथी का भविष्य अत्यंत उज्ज्वल है। यहाँ जिन रोगियों को वास्तविक राहत मिल रही है, वही इस पद्धति की सबसे बड़ी पहचान और सच्ची स्वीकृति है। किसी भी चिकित्सा प्रणाली को सबसे बड़ी मान्यता रोगी ही देते हैं—और यहाँ रोगी स्वयं कह रहे हैं कि उन्हें आराम मिला, लाभ मिला, जीवन-गुणवत्ता लौट रही है। आप सभी इसी समर्पण के साथ कार्य करते रहें।”
अस्पताल की प्रयोगशाला एवं दवा-निर्माण इकाई का निरीक्षण
डॉ. वार्ष्णेय ने अस्पताल की आधुनिक मेडिसिन लैब का निरीक्षण किया, जहाँ इलेक्ट्रो होम्योपैथी पद्धति के अंतर्गत तैयार किए जा रहे हर्बल उपचारों की प्रक्रिया समझाई गई।
अस्पताल की CEO श्रीमती मनीषा शर्मा ने उन्हें विभिन्न कैंसर रोगियों की स्थिति, उनके लक्षणों में सुधार एवं चल रहे उपचारों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा—
“हमारे यहाँ देश के 8 राज्यों—उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, गुजरात, ओडिशा, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र—से लगभग 17 गंभीर अवस्था के कैंसर रोगी भर्ती हैं। इनमें से अनेक रोगियों ने इलेक्ट्रो होम्योपैथी से उल्लेखनीय सुधार अनुभव किया है।”
डॉ. वार्ष्णेय यह जानकर विशेष रूप से आश्चर्यचकित हुए कि अत्यंत गंभीर अवस्था में आए कई रोगियों को भी यहाँ राहत और स्थिरता मिल रही है।
अस्पताल के निदेशक अजय हार्डिया ने कहा— “हमारा प्रयास है कि इलेक्ट्रो होम्योपैथी को वैज्ञानिक शोध, डॉक्यूमेंटेशन और केस स्टडीज़ के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणित किया जाए। जिन रोगियों के वास्तविक परिणाम हमने दर्ज किए हैं, वे इस प्रणाली के वैज्ञानिक आधार को और मजबूत करते हैं।”
अस्पताल की CEO मनीषा शर्मा ने कहा—“हम हर मरीज को केवल उपचार ही नहीं, बल्कि गरिमा, सहानुभूति और उम्मीद भी देते हैं। जब कोई अत्यंत पीड़ा में आया हुआ मरीज कुछ ही दिनों में दर्द-रहित अनुभव करने लगता है, तो यह हमारे लिए सबसे बड़ी प्रेरणा बनता है।”
इस अवसर पर आरोग्य भारती मालवा प्रांत के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. लोकेश जोशी, वैकल्पिक चिकित्सक संघ इंदौर के जिला अध्यक्ष डॉ. आर.एन. मिश्रा व् डॉ. अशोक ठाकुर भी उपस्थित रहे। अस्पताल प्रशासन की ओर से डॉ. अजय हार्डिया और CEO मनीषा शर्मा ने डॉ. अशोक कुमार वार्ष्णेय एवं अन्य अतिथियों का सम्मान किया।
डॉ. अशोक कुमार वार्ष्णेय का यह दौरा न केवल देवी अहिल्या कैंसर हॉस्पिटल के लिए, बल्कि इलेक्ट्रो होम्योपैथी की प्रगति और भविष्य की संभावित सरकारी मान्यता के लिए भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
गंभीर अवस्था के रोगियों के बेहतर हो रहे परिणाम, बढ़ती स्वीकृति और राज्य-स्तरीय समर्थन—ये संकेत देते हैं कि अब समय इस चिकित्सा पद्धति के व्यापक वैज्ञानिक शोध और राष्ट्रीय मान्यता की माँग करता है।
PUSHPANJALI PANDEY 