पत्नी की मजाक में पति को गोली मारने की कहानी आपको चौंका देगी
या चलवाई गई?
Anchor - "सोचिए... आपकी शादी का दिन—….ज़िंदगी का सबसे बड़ा दिन।…. हंसी, सपने और नए रिश्तों की शुरुआत।…. लेकिन अगर वही दिन… आपकी मौत की वजह बन जाए?... क्या कोई यकीन करेगा? …आज हम जिस केस की बात कर रहे हैं… उसने न सिर्फ एक परिवार की खुशियाँ छीन लीं,…. बल्कि पुलिस की कार्यवाही पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए…25 अप्रैल 2025… 32 साल का आरिश… शादी के मंडप में…, चेहरें पर मुस्कान, आँखों में सपने… और दिल में सिर्फ़ एक ख्वाब—रहीमा के साथ नई जिंदगी।… लेकिन किसे पता था… ये ख्वाब ही उसकी मौत की वजह बन जाएगा।…शादी के कुछ ही दिनों बाद …उस घर के आंगन में खुशियों की जगह… कड़वाहट ने डेरा डाल दिया।…. आरिश की अम्मी का आरोप है कि…. बहू रहीमा लगातार प्रॉपर्टी अपने नाम करने का दबाव बना रही थी।…. रोज-रोज़ के झगड़े अब आम हो चुके थे।…. कभी रहीमा मायके चली जाती फिर लौट आती।… लेकिन लौटने के साथ ही घर में ….तनाव और गहराता गया…। 7 अगस्त की रात 12:50 आरिश अपने कमरे में दाखिल हुआ।…. चंद मिनट बाद एक तेज धमाका हुआ।…. फायरिंग की आवाज ने पूरे घर को हिला दिया….। परिवार वाले दरवाजे पर दौड़े।…. खटखटाहट, बेचैनी और फिर दरवाजा खुला।… दरवाजा खोला था रहीमा ने। …कमरे के अंदर का नजारा ऐसा था …जिसने सबकी रूह कपा दी।… जमीन पर खून से लथपथ पड़ा था आरिश ….और पास में करीब 7 फीट की दूरी पर एक बंदूक मिली….। वो भी ड्रेसिंग टेबल के ऊपर। ….लोगों ने जब रहीमा से पूछा कि यह क्या हुआ?.... तो उसका जवाब था मजाकमज़ाक में गोली चल गई।…. एक पति की मौत और पत्नी का यह बयान… सबके लिए चौंकाने वाला था।…. आरिश की बहन आजमा की आवाज भरराए गले से निकली कि ….भाई के साथ मजाक हुआ या साजिश यह कौन बताएगा? ….लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि… एफआईआर दर्ज कराने की कोशिश खुद एक संघर्ष बन गई।…. 7 अगस्त की घटना के बाद आरिश की मां …फलकनाज़ कई बार थाने गई। …लेकिन पुलिस ने मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया। ….11 दिन तक कोई सुनवाई नहीं हुई।… आखिरकार 18 अगस्त को एसपी से गुहार लगाने के बाद…. एफआईआर दर्ज हुई। ….लेकिन परिवार का आरोप है की रहीमा आज भी खुलेआम घूम रही है ….और पुलिस बस कारवाई की बात कह रही है।…. रहीमा का दावा है कि... गोली मजाक में चली, लेकिन परिवार इसे प्रॉपर्टी विवाद से जोड़कर... एक सुनियोजित साजिश बता रहा है।….. एक मां और बहन अब इंसाफ के लिए ...दर-दर भटक रही हैं,... और सवाल ये है कि क्या ये हादसा था..., या एक ठंडे दिमाग से रची गई साजिश?... एक तरफ मां और बहन की आँखों से टपकते आँसू… तो दूसरी तरफ पुलिस की ढीली कार्यवाही पर उठते सवाल।...11 दिन तक FIR दर्ज कराने के लिए भटकना पड़ा… और अब भी इंसाफ़ की डगर लंबी और मुश्किल नज़र आ रही है।....दिल्ली पुलिस की चुप्पी और देरी.. इस मामले को और रहस्यमयी बना रही है।... क्या आरिश को इंसाफ मिलेगा? ...क्या सच सामने आएगा? या ये सवाल हमेशा के लिए अनसुलझे रह जाएंगे?
PUSHPANJALI PANDEY 