क्या मासूमों की जान से बढ़कर है आवारा कुत्तों का बचाव?

आवारा कुत्तों का बढ़ता आतंक... मासूमों की जान पर खतरा... आज हम एक ऐसे खौफनाक मुद्दे पर बात करेंगे..., जिसने पूरे देश के करोड़ों परिवारों को डरा दिया है...
ये मुद्दा है – आवारा कुत्तों का आतंक...जी हाँ, आए दिन ऐसी खबरें सामने आ रही हैं... जहाँ मासूम बच्चे... जो स्कूल जाने वाले थे, ...खेल रहे थे, या घर के बाहर खड़े थे... उन पर आवारा कुत्तों ने हमला कर दिया।...आज देश के कई हिस्सों से ऐसी खबरें आ रही हैं,.... जो दिल दहला देने वाली हैं.... मथुरा, मोतिहारी, खरगोन, भोपाल, हैदराबाद -.... हर जगह आवारा कुत्तों का आतंक मासूम बच्चों के लिए.... जानलेवा साबित हो रहा है।.... लेकिन हैरानी की बात ये है कि.... जब भी प्रशासन इन कुत्तों को नियंत्रित करने की कोशिश करता है,.... तो डॉग लवर्स सामने आकर इसका विरोध करते हैं।.... सवाल ये है की - क्या मासूमों की जान से बढ़कर है... इन कुत्तों का बचाव?... आज इस मुद्दे पर हम गहराई से चर्चा करेंगे।....सबसे पहले बात करते हैं... उत्तर प्रदेश के मथुरा से,... जहां बीते दिनों एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई....एक सात साल की मासूम सृष्टि... अपने घर के बाहर खेल रही थी....., और अचानक तीन आवारा कुत्तों ने... उस पर हमला कर दिया....। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई देता है कि... कुत्तों ने बच्ची को घेर लिया..., और उसको बुरी तरह नोच डाला।.... चीख-पुकार सुनकर ग्रामीणों ने उसे बचाया..., लेकिन तब तक सृष्टि के शरीर पर गहरे जख्म हो चुके थे।.... उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया...., जहां उसकी हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है.... ये कोई पहली घटना नहीं है....- मथुरा में पिछले कुछ समय से आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है, ..और स्थानीय लोग प्रशासन से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं....अब चलते हैं बिहार के मोतिहारी, ....जहां हाल ही में एक और भयानक घटना ने लोगों को ...हिलाकर रख दिया। नगर के दम समाज चौक और... मीना बाजार इलाके में आवारा कुत्तों ने.... आधा दर्जन से ज्यादा बच्चों पर हमला कर दिया।... इन मासूमों को गंभीर चोटें आईं, ....और इलाके में दहशत का माहौल है। ....शहरवासी कह रहे हैं कि ये कुत्ते... सड़कों पर घूमते हैं, ....और बच्चों को निशाना बनाते हैं। ...लेकिन जब नगर निगम इन कुत्तों को पकड़ने की कोशिश करता है, ....तो डॉग लवर्स विरोध पर उतर आते हैं।.... सवाल उठता है - क्या इन मासूमों की सुरक्षा से बढ़कर .... कुत्तों का स्वतंत्र घूमना जरूरी है... वहीं मध्य प्रदेश में भी स्थिति चिंताजनक है।... खरगोन में 10 साल की एक लड़की किराना सामान लेकर घर लौट रही थी.... तभी अचानक कुत्तों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया.... राहगीरों और दुकानदारों ने उसे बचाया...., लेकिन ये घटना लोगों के लिए खतरे की घंटी है।.... इसी तरह भोपाल के बागमुगलिया और कटारा हिल्स इलाके में...फिर से आवारा कुत्तों ने एक मासूम बच्चे को निशाना बनाया....। बच्चे को गंभीर चोटें आईं, और स्थानीय लोग प्रशासन की लापरवाही को कोस रहे हैं।... लेकिन यहां भी डॉग लवर्स की ओर से विरोध देखने को मिला,.... जिसने कार्रवाई को बाधित किया.. अब बात करते हैं हैदराबाद की, ...जहां से एक वीडियो वायरल हो रहा है....इस वीडियो में आवारा कुत्ते एक छोटी बच्ची को... नोच-नोचकर घायल करते दिखाई दे रहे हैं।.... ये वीडियो देखकर हर किसी का दिल दहल गया।... ऐसी घटनाओं ने साफ कर दिया है कि... अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए,... तो और मासूमों की जान जा सकती है। ...विशेषज्ञों का कहना है कि... इन कुत्तों को शेल्टर होम में रखना और उनकी नसबंदी करना जरूरी है,... लेकिन डॉग लवर्स इस कदम का विरोध कर रहे हैं...लेकिन सवाल ये है कि आखिर ये डॉग लवर्स कौन हैं, ....और उनकी जिम्मेदारी क्या है? ...जब भी नगर निगम की टीम कुत्तों को पकड़ने जाती है, ...ये लोग विरोध में उतर आते हैं।.... भोपाल में तो पेट लवर्स ने... नगर निगम की टीम पर हमला तक कर दिया और... उनकी गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया। ....ताजा घटनाओं में, जब बच्चे खून से लथपथ हो रहे हैं...., तो इन लोगों की चुप्पी और विरोध सवालों के घेरे में है।.... क्या मासूमों की जान से बढ़कर इन कुत्तों का बचाव जरूरी है?... क्या इन डॉग लवर्स को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए...., जिनकी वजह से प्रशासन की कार्रवाई रुकती है....हम आप एक और  एक दर्दनाक वीडियो दिखआते है...जिसमें एक बच्चे को आवारा कुत्ते ने काट लिया..., और वो अपने पिता की आखों के सामने तड़प-तड़प कर मर गया..उस पिता से पूछिए जिसने उसने अपने मासूम को खोया,...  जिसकी मौत की जिम्मेदारी कौन लेगा... क्या ये डॉग लवर्स,... जो कुत्तों को सड़कों पर छोड़ने की वकालत करते हैं..., इस दर्द को समझ सकते हैं?... क्या उनकी वजह से जिन मासूमों की जान गई, ....उनके परिवारों को इंसाफ नहीं मिलना चाहिए... ये सिर्फ चंद उदाहरण हैं... लेकिन देश के हर शहर,... हर कस्बे से रोज़ ऐसी घटनाएँ सामने आ रही हैं।... अब इस मुद्दे का सबसे बड़ा और विवादित पहलू...है...जब-जब नगर निगम की टीम कुत्ते पकड़ने निकलती है...तो कुछ लोग सामने आ जाते हैं – और कहते हैं कि ये अमानवीय है..., ये कुत्तों के हक के खिलाफ है...ये डॉग लवर्स... कार्रवाई रुकवा देते हैं।...लेकिन सोचने वाली बात ये है...जब सड़कों पर मासूम बच्चे खून से लथपथ हो रहे हैं,...जब किसी पिता की गोद में ...उसका बच्चा तड़प-तड़प कर मर रहा है...
तो क्या उस दर्द की कोई कीमत नहीं?..क्या मासूमों की जान से बढ़कर है ...आवारा कुत्तों का बचाव?...और अगर किसी बच्चे की मौत या जिंदगी भर की विकलांगता.... इन घटनाओं से हो जाती है...तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?... सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मुद्दे पर गंभीरता दिखाई है।.... कोर्ट ने कहा है कि आवारा कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करना जरूरी है, ....लेकिन साथ ही उनकी नसबंदी और टीकाकरण पर जोर दिया गया है।.. लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। ...विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इन कुत्तों को... शेल्टर होम में नहीं रखा गया, ...तो भविष्य में और बड़ी घटनाएं हो सकती हैं।... फिर भी, डॉग लवर्स का विरोध जारी है,.... जो इस समस्या को और जटिल बना रहा है...नगर निगमों की लापरवाही और .....कुछ तथाकथित डॉग लवर्स की दखलअंदाज़ी की वजह से...ये काम अधूरा रह जाता है।....और नतीजा... भुगतते हैं आम लोग, खासकर मासूम बच्चे।""तो अब सवाल साफ है... आखिर इन मासूमों की मौत की जिम्मेदारी कौन लेगा?....क्या सिर्फ नगर निगम को दोषी ठहराया जाए?... या फिर उन डॉग लवर्स को भी जिम्मेदार ठहराया जाए... जो कार्रवाई रोक देते हैं?...हमें फैसला करना होगा....क्या हम बच्चों को सड़कों पर खून से लथपथ मरते देखेंगे...या फिर कोई ठोस कदम उठाएँगे?.... कुत्तों को शेल्टर में रखना ज़रूरी है।... वैक्सीनेशन और स्टरलाइज़ेशन अनिवार्य होना चाहिए...और सबसे बड़ी बात...अगर कोई भी कार्रवाई रोकता है....तो उसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए...क्योंकि ये सवाल सिर्फ इंसान बनाम जानवर का नहीं है...ये सवाल है इंसानियत का।""आप क्या सोचते हैं.