पाकिस्तान में फिर घर के सामने से हिंदू मां-बेटी अगवा

पाकिस्तान में फिर घर के सामने से हिंदू मां-बेटी अगवा

5 दिसंबर की बात है। पाकिस्तान के कराची में शेर शाह के सिंधी मोहल्ले में हिंदू महिला रानी बेटी को लेकर घर से ​​​​​निकली थीं। तभी एक ऑल्टो कार आई, जिसमें हथियारों से लैस तीन लोग सवार थे। वे रानी और उसकी डेढ़ साल की बेटी को जबरन खींचकर ले गए।

घटना के 3 दिन बाद FIR दर्ज हुई, लेकिन अब तक दोनों का सुराग नहीं मिला है। परिवार को शक है कि मां-बेटी का अपहरण कर उनका धर्म परिवर्तन कराया जाएगा। फिर जबरन शादी करा दी जाएगी। पाकिस्तान में इस तरह का ये कोई पहला या अकेला मामला नहीं है। सिंध से लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं।

सिंध हिंदू बहुल आबादी वाला प्रांत हैं। यहां पिछले 11 महीनों में अल्पसंख्यकों के खिलाफ अपराध की 611 घटनाएं हुईं, जिनमें 73 मामले धर्म परिवर्तन के हैं। यानी हर महीने हिंदुओं और दूसरे अल्पसंख्यकों के खिलाफ धर्म परिवर्तन की 7 घटनाएं हुईं। अपहरण के 3, हत्या के 6 और चाइल्ड मैरिज के 2 से ज्यादा केस दर्ज हुए।

पाकिस्तान के सिंध में हिंदुओं पर बढ़ते जुल्म को लेकर कुछ केस स्टडी निकाली। साथ ही रानी के मामले में FIR की पड़ताल की और रिपोर्ट दर्ज कराने वाले पीड़ित प्रेम कुमार से भी बात की। 

रानी किडनैपिंग केस पति दवा लेने गए, 3 नकाबपोशों ने मां-बेटी को किडनैप किया रानी और उसकी बेटी के मामले में 8 दिसंबर को FIR दर्ज कराई गई थी। FIR के मुताबिक, 5 दिसंबर की सुबह करीब 11 बजे रानी डेढ़ साल की बेटी को लेकर घर से निकली थी। उसने घर पर ताला लगाया और कुछ कदम ही आगे बढ़ी थी, तभी कार सवार तीन बदमाशों ने दोनों को अगवा कर लिया।

तीनों के चेहरे पर मास्क और हाथों में हथियार थे। वे सिल्वर रंग की ऑल्टो कार से आए थे। उस वक्त रानी के पति प्रेम दवाई लेने अस्पताल गए हुए थे। घटना के कुछ घंटे बाद वो घर लौटे तो ताला लगा मिला। पत्नी को फोन लगाया तो कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद आसपास के लोगों और दोस्तों से पूछताछ की।

शुरू में लोग घटना से डरे हुए थे, तो किसी ने कुछ नहीं बताया। बाद में अपहरण का पता चला। उन्होंने नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आसपास के लोगों और समाजसेवी संस्थाओं के विरोध को देखते हुए 3 दिन बाद FIR दर्ज की गई। ये पाकिस्तानी पैनल कोड यानी (PPC) की धारा-496A में दर्ज हुई है।

पत्नी-बेटी को किडनैप कर धर्म परिवर्तन कराने का शक रानी के पति प्रेम कुमार बताते हैं कि हम कराची में शेर शाह इलाके के सिंधी मोहल्ले में रहते हैं। हमारे एक करीबी रिश्तेदार गुजरात के अहमदाबाद में रहते हैं। हालांकि केस को लेकर वो ज्यादा बातचीत करने के लिए राजी नहीं हुए।

प्रेम ने इतना जरूर कहा, 'हम भारतीय मीडिया से खुलकर बात नहीं कर सकते हैं। आप लोगों ने हमसे संपर्क किया, इस बात से काफी खुशी हुई। उम्मीद है कि इसी तरह अगवा हुई मेरी बेटी और पत्नी भी मिल जाएंगी। FIR में जो भी बातें लिखी हैं, वही सच है। आशंका यही है कि मां-बेटी का अपहरण कर उनका धर्म परिवर्तन कराया जाएगा और फिर जबरन शादी कर दी जाएगी।'

'हम पाकिस्तानी हैं, सिर्फ हिंदू होना हमारा कसूर' इसके बाद हमने पाकिस्तान में हिंदुओं के अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ रहे शिवा काछी से बात की। उनका पाकिस्तान दरावर इत्तेहाद (PDI) नाम से NGO है। ये NGO हिंदू लड़कियों के अपहरण और धर्म परिवर्तन को लेकर इंसाफ मांग रहा है। इन्होंने सिंधी मोहल्ले से किडनैप हुई मां-बेटी का मुद्दा उठाया और FIR कराने में मदद की।

हमने इनसे बात करने के लिए कॉन्टैक्ट किया तो इन्होंने हमें घटना की जानकारी दी, लेकिन ये भी कहा कि हम खुलकर भारतीय मीडिया से बात नहीं कर सकते हैं क्योंकि पाकिस्तान में पुलिस और प्रशासन को लगता है कि हम लोग देशभक्त नहीं हैं। जबकि हम पाकिस्तान में जन्मे हैं। सोशल मीडिया पर कुछ लोग हमें देशद्रोही करार दे रहे हैं।'

सिंध में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ SSP ऑफिस के बाहर नारेबाजी करते हुए शिवा काछी ने हमें अपना एक वीडियो भी शेयर किया।

वीडियो में वो कहते हैं, ‘क्या सिंध के हिंदुओं को पाकिस्तान अपना समझता भी है या नहीं। IG जैसे पुलिस अधिकारी भी शिकायत पर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। हम अफ्रीका या इंडिया से नहीं आए हैं। हम यहीं पाकिस्तान के हैं। हमारी हिंदू लड़कियों का अपहरण होता है। तब पुलिस अधिकारी कहते हैं कि लव मैरिज हुई होगी। हम यहां के हिंदू हैं। हमारा कसूर क्या है। हमें किस बात की सजा मिल रही है।‘

उमरकोट में हिंदू दुल्हन को किडनैप करने की कोशिश रानी और उसकी बेटी के अपहरण से ठीक एक दिन पहले एक और घटना हुई थी। ये 4 दिसंबर को सिंध प्रांत के उमरकोट इलाके में ही हुई थी, जहां सबसे ज्यादा हिंदू आबादी रहती है। उमरकोट के डेगो फार्म की रहने वाली दुल्हन को अगवा करने की कोशिश हुई थी।

असल में हरचंद कोहली की बेटी भागवी की एक दिन पहले ही शादी हुई थी। वो दूल्हे और बारात के साथ घर लौट रही थी। तभी 7 हथियारबंद बदमाशों ने दूल्हे और कुछ बारातियों पर हमला बोल दिया। इसी दौरान रास्ते से ही बदमाशों ने दुल्हन को जबरदस्ती अगवा करने की कोशिश की।

ये सब घटनाक्रम पास के होटल में मौजूद लोग देख रहे थे। उन्होंने इसका विरोध कर दिया और तब जाकर अपहरण की कोशिश रोकी जा सकी। इस मामले में उमरकोट पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है और जांच कर रही है।

14 साल की अनीता अगवा, धर्म परिवर्तन के बाद शादी कराने का शक सिंध प्रांत के मीरपुर खास में भील कॉलोनी की रहने वाली अनीता ठाकुर पिछले 3 महीने से गायब हैं। उसे घर से ही गन पॉइंट पर अगवा किया गया। हिंदू कम्युनिटी के लोगों के विरोध करने पर मीरपुर खास के सैटेलाइट थाने में FIR दर्ज हुई।

इसमें आरोप लगाया गया है कि अनीता को अगवा करने के बाद उसका धर्म परिवर्तन करा दिया गया और जबरन शादी करा दी। लड़की के माता-पिता और आसपास के लोग पिछले 3 महीने से थाने और IG ऑफिस के चक्कर काट रहे हैं। उसकी बरामदगी की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

अनीता के माता-पिता का कहना है कि हम लोग डर के साए में जी रहे हैं। थाने और पुलिस अधिकारियों के पास इंसाफ मांगने जाते हैं तो लौटा दिए जाते हैं। ये कहकर वापस कर देते हैं कि तुम्हारी बेटी किसी के साथ भाग गई होगी।

3 साल पहले अगवा हुई चंदा मेहराज, छोटी बहन अब घर से बाहर नहीं जाती ये 3 साल पहले सितंबर 2022 की घटना है। 14 साल की नाबालिग लड़की चंदा मेहराज का अपहरण कर लिया गया था। चंदा सिंध में हैदराबाद की रहने वाली है। वो फतेह चौक इलाके में बड़ी बहन के साथ सामान खरीदने बाजार गई थीं। आरोप है कि तभी कार में सवार होकर आए बलूच लड़कों ने उसे अगवा कर लिया।

बड़ी बहन शोर मचाने लगी और किसी तरह से बचकर भाग निकली। परिवार के मुताबिक, पुलिस ने इस मामले में कोई मदद नहीं की। बाद में हिंदू कम्युनिटी के लोगों के विरोध के बाद पुलिस ने मामले की जांच की। कुछ हफ्ते बाद चंदा को कराची के एक कमरे से बरामद कर लिया गया। उसे कोर्ट में पेश किया गया।

इस दौरान वो अपने परिवार के साथ रहना चाहती थी, लेकिन कोर्ट के आदेश पर उसे कई दिनों तक शेल्टर होम में रखा गया। वहां भी उसे टॉर्चर किया गया। फिर वहीं से वो गायब हो गई, जिसके बाद परिवार को आज तक नहीं मिली।

बेटी के इंतजार में पिता बीमार हो गए। लंबी बीमारी के बाद उनकी मौत हो गई। चंदा की एक बड़ी बहन और एक छोटी बहन हैं। परिवार एक छोटे से कमरे में रहकर गुजारा कर रहा है, जिसका किराया 10 हजार रुपए है।

अभी चंदा की मां और बहन ने एक वीडियो जारी करके लोगों से मदद मांगी है। चंदा की मां कहती हैं कि बेटी के अपहरण के बाद से छोटी बहन बहुत डरी रहती है। वो जल्दी घर से बाहर भी नहीं जाती है। इसलिए अब जनवरी में उसकी शादी कर रहे हैं।

सिंध में हर महीने धर्म परिवर्तन के 7, अपहरण के 3 और चाइल्ड मैरिज के 2 केस हमने पाकिस्तान में हिंदू और दूसरे अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ हो रहे जुल्म के आंकड़े जानने के लिए पाकिस्तान के नेशनल और लोकल मीडिया में छपी रिपोर्ट की पड़ताल की।

कुछ गिने-चुने केस छोड़कर वहां की मीडिया ने इन पर कोई रिपोर्ट नहीं की है। हमें माइनॉरिटी राइट ऑर्गनाइजेशन दरावर इत्तेहाद पाकिस्तान की एक रिपोर्ट मिली। जिसमें अल्पसंख्यकों के खिलाफ 2025 में हुए क्राइम की रिपोर्ट है। इसमें 3 खास बातें हैं…

1. 2025 में जनवरी से लेकर नवंबर तक 11 महीने में सिंध प्रांत में अल्पसंख्यकों के खिलाफ कुल 611 क्राइम हुए। इनमें मानसिक प्रताड़ना की वजह से सबसे ज्यादा 185 सुसाइड के मामले रहे।

2. सिंध में 11 महीनों में धर्म परिवर्तन के केस दूसरे नंबर पर रहे। इसके कुल 73 केस सामने आए। इसके बाद तीसरे नंबर पर हत्या के 62 केस रहे। हत्या के अलावा अपहरण के 32 और चाइल्ड मैरिज के 26 मामले सामने आए जबकि रेप के 19 केस दर्ज हुए।

3. पाकिस्तान के सिंध प्रांत में हिंदुओं और दूसरे अल्पसंख्यक समुदाय में करीब-करीब हर महीने धर्म परिवर्तन की 7 घटनाएं हुईं। हत्या के 6, अपहरण के 3 और चाइल्ड मैरिज के 2 से ज्यादा केस दर्ज किए गए।