भारत में वोट चोरी हो रही है? राहुल गांधी का बड़ा आरोप!
क्या भारत का लोकतंत्र वाकई खतरे में है? ...क्या अब देश में वोट डाले नहीं जाते,... बल्कि चुराए जाते हैं?... ये सवाल उठाए हैं... कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने,... जिन्होंने चुनाव आयोग पर 'वोट चोरी' का सीधा और... गंभीर आरोप लगाया है.... लेकिन अब इस कहानी में... एक जबरदस्त ट्विस्ट आ गया है.... चुनाव आयोग ने पलटवार करते हुए राहुल गांधी को सीधी चुनौती दी है: ...'अगर आपके दावों में दम है..., तो कानूनी हलफनामे पर साइन करें..., वरना कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहें'....आज हम इस हाई-स्टेक पॉलिटिकल ड्रामे को समझेंगे.... जानेंगे कि राहुल के आरोप क्या हैं.. और चुनाव आयोग ने इतना कड़ा रुख क्यों अपनाया है.....
ये सारा सियासी बवाल शुरू हुआ,... राहुल गांधी की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस से.... उनका मुख्य आरोप है कि भारतीय जनता पार्टी..., चुनाव आयोग की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर 'वोटों की चोरी' कर रही है.... उन्होंने कर्नाटक की महादेवपुरा सीट का उदाहरण देते हुए दावा किया कि... अकेले इसी सीट पर एक लाख से ज़्यादा फर्जी वोटर हैं..
राहुल गांधी के मुताबिक, ...यह एक ऑर्गनाइज़्ड क्राइम है ...जिसे कुछ इस तरह अंजाम दिया जा रहा है:...
राहुल ने दावा किया है की...एक ही इंसान के नाम और फोटो से कई वोटर आईडी बनाए गए. है...और हज़ारों वोटर्स ऐसे पतों पर रजिस्टर्ड हैं... जो असल में हैं ही नहीं....साथ ही असली वोटर्स के नाम, खासकर विपक्षी इलाकों से, लिस्ट से हटा दिए गए है.....सबूत के तौर पर, उन्होंने एक ही तस्वीर वाले कई वोटर कार्ड और... एक ही पते पर रजिस्टर्ड सैकड़ों वोटर्स के उदाहरण दिखाए.... उनका कहना था कि... यह डेटा उन्होंने चुनाव आयोग की वेबसाइट से ही निकाला है...
राहुल गांधी के विस्फोटक आरोपों के बाद.... चुनाव आयोग ने बचाव करने के बजाय,... सीधा हमला बोल दिया.... आयोग ने राहुल के सभी आरोपों को ..."भ्रामक और तथ्यहीन" बताया....इतना ही नहीं, चुनाव आयोग ने... राहुल गांधी को एक कानूनी हलफनामा दाखिल करने को कहा है, ...जिसमें उन्हें अपने हर आरोप के लिए फर्जी वोटर्स के नाम और.. नंबर जैसे ठोस सबूत देने होंगे.... आयोग ने चेतावनी दी है कि... अगर दी गई जानकारी गलत निकली,... तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.... आयोग ने यह भी सवाल उठाया कि... अगर लिस्ट में इतनी बड़ी गड़बड़ियां थीं,... तो कांग्रेस ने ड्राफ्ट लिस्ट जारी होने के वक्त औपचारिक शिकायत क्यों नहीं की?..यह पूरा विवाद सिर्फ एक सियासी तूफ़ान नहीं है.... इसके नतीजे बहुत गहरे हो सकते हैं....
अगर राहुल गांधी के आरोप सही साबित होते हैं,... तो यह भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला हो सकता है.... यह चुनाव आयोग जैसी संस्था की नींव हिला देगा और... करोड़ों मतदाताओं का चुनावी प्रक्रिया से भरोसा उठ जाएगा....और अगर राहुल गांधी के आरोप गलत साबित होते हैं,... तो यह विपक्ष की विश्वसनीयता पर एक बहुत बड़ा सवाल खड़ा करेगा.... उन पर राजनीतिक फायदे के लिए.. देश की सबसे अहम संवैधानिक संस्था को बदनाम करने का आरोप लगेगा....अब देखना ये होगा की.... क्या राहुल चुनाव आयोग की चुनौती स्वीकार करेंगे.... और अपने दावों को कानूनी तौर पर.. साबित करने के लिए हलफनामे पर दस्तखत करेंगे?...इस पूरे मामले पर आपकी क्या राय है?... क्या राहुल गांधी के आरोपों में सच्चाई है... या यह सिर्फ एक राजनीतिक स्टंट है?