बीजेपी की सनक” या सुधार? मनरेगा को लेकर संसद में घमासान
क्या महात्मा गांधी के नाम से जुड़ी देश की सबसे बड़ी रोजगार योजना को चुपचाप खत्म किया जा रहा है?....और क्या सिर्फ नाम बदलने की आड़ में… करोड़ों गरीब मजदूरों का अधिकार छीना जा रहा है?....आज संसद में इसी सवाल पर ज़ोरदार सियासी घमासान देखने को मिला।….मनरेगा यानी महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम….जिसे गांव-गांव तक गरीबों की जीवनरेखा माना जाता है।…अब उसी मनरेगा का नाम बदलकर
“विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन – ग्रामीण”….रखने की तैयारी में मोदी सरकार है।….सरकार का ये नया ग्रामीण रोजगार कानून…शीतकालीन सत्र में चर्चा के लिए सूचीबद्ध है…..और इसकी कॉपी लोकसभा सांसदों को भी दे दी गई है।…लेकिन इसी मुद्दे पर आज संसद के बाहर…कांग्रेस ने ज़ोरदार प्रदर्शन किया।…संसद के मकर द्वार पर
कांग्रेस सांसदों ने नारेबाज़ी करते हुए…सरकार पर सीधे-सीधे हमला बोला।…इस प्रदर्शन की अगुवाई कर रहीं थीं…कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा।…प्रियंका गांधी ने सरकार के फैसले को
“बीजेपी की सनक” बताया।…उन्होंने कहा…जब-जब सरकार किसी योजना का नाम बदलती है,
तब करोड़ों रुपये खर्च होते हैं।…मनरेगा महात्मा गांधी के नाम से जुड़ा कानून है।
नाम बदलना उनका अपमान है।…प्रियंका गांधी ने आगे आरोप लगाया कि…सरकार सिर्फ नाम नहीं बदल रही,…बल्कि इस योजना को धीरे-धीरे खत्म करना चाहती है।….उन्होंने कहा कि
अब तक मनरेगा में…केंद्र सरकार 90 प्रतिशत खर्च वहन करती थी।…लेकिन नए विधेयक में
केंद्र की हिस्सेदारी घटाई जा रही है…और राज्यों पर ज़्यादा आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।…प्रियंका गांधी ने चेतावनी देते हुए कहा—गरीब राज्य इतनी बड़ी राशि नहीं उठा पाएंगे।…और जब राज्य पैसा नहीं दे पाएंगे,…तो योजना अपने आप खत्म हो जाएगी।”…इतना ही नहीं,…उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि…सरकार ने 125 दिन काम देने की बात तो की है,
लेकिन मजदूरी बढ़ाने की कोई बात नहीं की।….आज भी कई राज्यों में///मनरेगा मजदूरों को महीनों से बकाया नहीं मिला है।…कांग्रेस का आरोप है कि..नए कानून में
काम का निर्धारण अब पंचायत नहीं,….बल्कि केंद्र सरकार करेगी।…इससे पंचायतों का अधिकार खत्म होगा…और सारा नियंत्रण दिल्ली के हाथ में चला जाएगा।…कांग्रेस का साफ कहना है—
मनरेगा का नाम बदलना सिर्फ शुरुआत है,…असली मकसद गरीब मजदूरों से..उनका कानूनी अधिकार छीनना है।
PUSHPANJALI PANDEY 