दिल्ली में कृत्रिम तालाबों से बप्पा और माँ की विदाई
दिल्ली में इस बार गणेश चतुर्थी और दुर्गा पूजा का... रंग-रूप कुछ अलग दिखाई देगा… वजह है.... मूर्ति विसर्जन को लेकर सरकार की बड़ी पहल।.....
जी हाँ, श्रद्धा के साथ अब जुड़ने जा रही है ज़िम्मेदारी… और उसी का नतीजा है ...राजधानी में बनाए जा रहे 80 से ज़्यादा कृत्रिम तालाब।...दरअसल, हर साल मूर्तियों का विसर्जन सीधे यमुना नदी में किया जाता था, ....जिससे पानी गंदा हो जाता था और.... नदी का पर्यावरण भी बुरी तरह प्रभावित होता था।... लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा।....दिल्ली सरकार ने साफ़ निर्देश दिए हैं कि.... यमुना नदी और दूसरे जलस्रोतों को प्रदूषण से बचाने के लिए.... मूर्तियों का विसर्जन सिर्फ़ कृत्रिम तालाबों और टैंकों में ही किया जाएगा।....दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने.... सभी ज़िलाधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की...सरकार का मुख्य जोर यमुना नदी और... अन्य जलस्रोतों को प्रदूषण से बचाने पर है।... इसके लिए राजधानी में 80 से ज्यादा कृत्रिम तालाब बनाए जा रहे हैं, ...जहां श्रद्धालु मूर्ति विसर्जन कर सकेंगे।....इन कृत्रिम तालाबों की खासियत ये है कि.... इनका पानी बाद में सड़क की धूल कम करने और...पार्कों की सिंचाई के लिए इस्तेमाल होगा,... यानी एक बूंद भी व्यर्थ नहीं जाएगी।... पर्यावरण मंत्री सिरसा ने कहा..., “मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में.... यह व्यवस्था प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित दिल्ली’ और... ‘स्वच्छ पर्यावरण’ के विजन के अनुरूप है।... जब आस्था के साथ जिम्मेदारी जुड़ती है...., तो यमुना भी साफ रहती है और तो इस बार गणेश चतुर्थी और दुर्गा पूजा में… भक्ति भी होगी और पर्यावरण की रक्षा भी।
अब देखना होगा कि दिल्लीवासी इस मुहिम में कितना साथ देते हैं
PUSHPANJALI PANDEY 