देवबंद में तालिबान के नेता पर पुष्पवर्षा देश में मचा बवाल

देवबंद में तालिबान के नेता पर पुष्पवर्षा देश में मचा बवाल

क्या आपने कभी सोचा था कि… जिस तालिबान के खौफ से पूरी दुनिया कांपती है… उसके नेताओं का भारत में सम्मान किया जाएगा?...और जब ऐसा हुआ — तो जावेद अख्तर ने कहा… ‘सिर शर्म से झुक गया।’...आख़िर क्या है ये पूरा मामला?...क्यों तालिबानी नेता के भारत दौरे पर इतना विवाद मच गया?...आईए जानते हैं विस्तार से।..अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी  ...इन दिनों भारत दौरे पर हैं.... 9 अक्टूबर से 16 अक्टूबर तक।....शनिवार को वो पहुंचे उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के ...देवबंद, यानी दारुल उलूम देवबंद मदरसा ... जहाँ उनका भव्य स्वागत किया गया।...पुष्पवर्षा हुई, फूलों की माला पहनाई गई,.... और लोगों ने फोटो व वीडियो लेने के लिए भीड़ लगा दी।....यहां तक कि मुत्तकी के आगमन के लिए ...15 उलेमाओं की विशेष सूची बनाई गई थी.... और पूरे इलाके में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रखी गई थी।...यह नज़ारा देखकर मशहूर गीतकार... जावेद अख्तर का पारा चढ़ गया।...

.उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर लिखा...सिर शर्म से झुक गया… ये देखकर कि दुनिया के सबसे खतरनाक आतंकी संगठन के प्रतिनिधि का.... हमारे देश में सम्मान के साथ स्वागत किया जा रहा है।...देवबंद को भी शर्म आनी चाहिए... कि उसने अपने ‘इस्लामिक हीरो’ का सम्मान किया वो व्यक्ति जिसने लड़कियों की शिक्षा पर... पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है।...मेरे भारतीय भाइयों और बहनों, हमारे साथ क्या हो रहा है?”...उनका ये बयान सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गया...जहां कुछ लोग उनकी बात से सहमत हैं..., वहीं कुछ लोग इसे राजनयिक शिष्टाचार बता रहे हैं।...दरअसल, 2021 में अफगानिस्तान की सत्ता पर... तालिबान के कब्जे के बाद से भारत और तालिबान के बीच... यह पहली उच्च-स्तरीय बैठक है।....दिल्ली में मुत्तकी ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी मुलाकात की।....संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की समिति ने मुत्तकी को अस्थायी यात्रा छूट दी थी,...जिसके बाद वह भारत आए।...यह यात्रा अफगानिस्तान में स्थिरता,... व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर बातचीत के लिए बताई जा रही है।...लेकिन देवबंद में उनके भव्य स्वागत ने... पूरे माहौल को राजनीतिक और धार्मिक विवाद में बदल दिया है।....वहीं इससे पहले नई दिल्ली में मुत्तकी की.... पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला पत्रकारों को शामिल न किए जाने पर... भी विवाद खड़ा हो गया था।...बाद में उन्होंने सफाई दी कि पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में...कुछ चुनिंदा मीडिया हाउस” को ही बुलाया गया था...और यह “जानबूझकर” नहीं किया गया।...दूसरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला पत्रकारों को शामिल किया गया।...फिर भी, आलोचकों का कहना है कि... तालिबान का इतिहास महिलाओं के दमन,... शिक्षा पर रोक और हिंसा से भरा पड़ा है।...ऐसे संगठन के नेताओं का सम्मान,...भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में,...कई लोगों के लिए नैतिक और मानवीय सवाल बन गया है।.