जगदीप धनखड़ ने दी विधानसभा में पेंशन की अर्जी
आज हम बात करेंगे देश की…. दूसरी सबसे बड़ी संवैधानिक कुर्सी पर बैठे रहे… एक बड़े नेता….—पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की… जगदीप धनखड़ ने हाल ही में स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए… उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दिया... और अब वो एक बार फिर सुर्खियों में हैं।….. वजह है—उनका राजस्थान विधानसभा में पेंशन के लिए दिया गया आवेदन।..उन्होंने हाल ही में राजस्थान विधानसभा में... पेंशन के लिए आवेदन किया है।... धनखड़, जो लंबे समय तक... भारत के राजनीतिक और संवैधानिक जीवन में सक्रिय रहे...., अब उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफे के बाद... एक शांत और अनुशासित जीवन जी रहे हैं।... लेकिन बीते दिनों खबर आई कि पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने ....राजस्थान विधानसभा सचिवालय में पेंशन के लिए ...औपचारिक आवेदन दायर किया है।....धनखड़ 1993 से 1998 तक राजस्थान की किशनगढ़ सीट से विधायक रहे थे, ...और अब उनके इस आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है...सूत्रों के मुताबिक, राजस्थान विधानसभा के नियमों के तहत....उन्हें न्यूनतम 42 हजार रुपये मासिक पेंशन मिलेगी...इसके अलावा....पूर्व विधायकों को दी जाने वाली अन्य सुविधाएं भी.... उन्हें प्राप्त होंगी, जिनमें मुफ्त यात्रा और... स्वास्थ्य सेवाएं शामिल हो सकती हैं।.... लेकिन सवाल ये उठता है कि आखिर एक वरिष्ठ नेता,.... जो उपराष्ट्रपति जैसे बड़े पद पर रहे..., उन्हें पेंशन की जरूरत क्यों पड़ी...जबकी जगदीप धनखड़ का राजनीतिक सफर भी बेहद शानदार रहा है।... 1989 से 1991 तक वे राजस्थान के झुंझुनू से ....लोकसभा सांसद रहे और चंद्रशेखर सरकार में... केंद्रीय संसदीय कार्य राज्य मंत्री बने।.... इसके बाद 1993 से 1998 तक वे... किशनगढ़ से विधायक रहे।.... 2019 से 2022 तक वे पश्चिम बंगाल के राज्यपाल रहे..., जहां ममता बनर्जी सरकार के साथ उनके टकराव ने... उन्हें सुर्खियों में रखा।.. फिर 2022 में वे भारत के 14वें उपराष्ट्रपति बने.... लेकिन स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर ...21 जुलाई 2025 को उन्होंने इस पद से इस्तीफा दे दिया।...इस्तीफे के बाद से वे सार्वजनिक जीवन से दूर हैं..., और अब पेंशन आवेदन के जरिए.... वे अपनी सेवाओं के लिए लाभ लेने की दिशा में... आगे बढ़ रहे हैं....उनके इस्तीफे के पीछे स्वास्थ्य कारण बताए गए,... लेकिन कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि... सियासी दबाव भी एक वजह हो सकता है।... हालांकि, धनखड़ ने इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं की है,... और वे अपने निजी जीवन पर ध्यान दे रहे हैं।... इस बीच, उपराष्ट्रपति पद रिक्त होने के कारण 9 सितंबर 2025 को उनके उत्तराधिकारी के लिए चुनाव होने जा रहे हैं..., जो सियासी गलियारों में एक नई बहस शुरू कर सकता है ....लेकिन सोशल मीडिया पर लोग पेंशन मुद्दे पर अपनी बात रख रहे हैं।.... कुछ लोग कह रहे हैं कि... धनखड़ को सम्मानजनक पेंशन और सुविधाएं मिलनी चाहिए, ....क्योंकि उन्होंने देश के लिए बहुत कुछ किया।... वहीं, कुछ का मानना है कि.... एक वरिष्ठ नेता को इस तरह पेंशन के लिए... आवेदन नहीं करना चाहिए था।... आपकी क्या राय है? ....क्या धनखड़ का पेंशन आवेदन सही कदम है,... या फिर यह उनकी छवि पर सवाल उठाता है?... जगदीप धनखड़ की ये नई शुरुआत उनके लंबे करियर का एक नया पहलू है।...