Tesla CEO Elon Musk की जीत: सुप्रीम कोर्ट ने $55 बिलियन की सैलरी पर हटाई रोक
अरबपति और टेस्ला के CEO एलन मस्क को डेलावेयर सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने उस पुराने फैसले को पलट दिया है, जिसमें उनके $55 बिलियन के पे पैकेज पर रोक लगा दी गई थी. यह पे पैकेज टेस्ला ने साल 2018 में मस्क को कंपनी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए इंसेंटिव के तौर पर दिया था.
जनवरी 2024 में डेलावेयर चांसरी कोर्ट की जज कैथलीन सेंट जे. मैककॉर्मिक ने डायरेक्टर्स के बीच हितों के टकराव और प्लान की पूरी जानकारी शेयरहोल्डर्स को ठीक से न देने का हवाला देते हुए एलन मस्क के पे पैकेज को रद्द कर दिया था.
इस फैसले के बाद एलन मस्क ने टेस्ला का कॉरपोरेट हेडक्वार्टर डेलावेयर से टेक्सास शिफ्ट करने की बात कही थी. इस निर्णय ने टेस्ला बोर्ड पर भी दबाव बढ़ा दिया था कि वह अपने CEO को संतुष्ट रखने के विकल्प तलाशे.
अपने 49 पेज के फैसले में डेलावेयर सुप्रीम कोर्ट ने जज मैककॉर्मिक के 2024 के फैसले में कई खामियां बताईं और कहा कि 2018 का पे पैकेज दोबारा लागू किया जाना चाहिए. कोर्ट ने टेस्ला को प्रतीकात्मक रूप से $1 का मामूली हर्जाना देने का भी आदेश दिया.
2018 में मुश्किल दौर में थी टेस्ला
एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, जब साल 2018 में यह पे पैकेज तैयार किया गया था, तब टेस्ला अपने इलेक्ट्रिक वाहनों के उत्पादन को बढ़ाने में संघर्ष कर रही थी. उस समय कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब $50 बिलियन से $75 बिलियन के बीच था.
बाद में कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग समस्याएं काफी हद तक दूर हो गईं. टेस्ला ने बढ़ती मांग को पूरा करना शुरू किया, जिससे बिक्री और शेयर की कीमतों में तेज उछाल आया. इसी वजह से एलन मस्क इस बड़े पे पैकेज के हकदार बने.
PUSHPANJALI PANDEY 