नॉन स्मोकर भी फेफड़ों के कैंसर के खतरे से नहीं बच सकते हैं क्यों ?

 फेफड़ों का कैंसर दुनिया भर में... कैंसर से होने वाली मौतों का एक प्रमुख कारण है ...आज हम एक ऐसे विषय पर बात करने जा रहे हैं... जो चौंकाने वाला भी है और चिंताजनक भी.. फेफड़ों का कैंसर, जिसे अक्सर धूम्रपान से जोड़कर देखा जाता है,... अब उन लोगों में भी तेजी से फैल रहा है.. जिन्होंने कभी धूम्रपान किया ही नहीं...आइए जानते हैं क्या कहते हैं आंकड़े... और क्या हैं इसके पीछे के कारण- दुनिया भर में फेफड़ों का कैंसर,.. कैंसर से होने वाली मौतों का एक प्रमुख कारण है.. यह तब होता है जब फेफड़ों की कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ती हैं.. और ट्यूमर बनाती हैं..., जिससे फेफड़ों के ठीक से काम करने की क्षमता प्रभावित होती है... ये ट्यूमर शरीर के अन्य अंगों में भी फैल सकते हैं।... अमेरिकन कैंसर सोसाइटी के आंकड़ों के अनुसार..., अमेरिका में फेफड़ों के कैंसर के 20% तक मामले... अब उन लोगों में हो रहे हैं... जिन्होंने कभी धूम्रपान नहीं किया है..., 

- एशिया के कुछ क्षेत्रों में यह आंकड़ा लगभग... 50 प्रतिशत तक पहुंच गया है...यानी इतने लोगों ने कभी धूम्रपान नहीं किया..., खासकर महिलाओं में भी स्थिति ज्यादा भयावह थी...धूम्रपान न करने वालों के बीच ...इस बीमारी के बढ़ते ट्रेंड ने न केवल.. वैज्ञानिकों को हैरान कर दिया है... बल्कि फेफड़ों के कैंसर से जुड़ी रिसर्च के... वैज्ञानिक दृष्टिकोण को भी बदल दिया है... तो आखिर क्या हैं वे कारण.. जो धूम्रपान न करने वालों में भी.. फेफड़ों के कैंसर को बढ़ावा दे रहे हैं? ...आइए जानते हैं विशेषज्ञों की राय और वैज्ञानिक शोधों के निष्कर्ष।

 कैंसर के सबसे बड़े कारणों में से एक वायु प्रदूषण है..., खासकर PM2.5 सूक्ष्म कण ये सूक्ष्म कण, जिनका व्यास 2.5 माइक्रोमीटर से भी कम होता है....ये, फेफड़ों के ऊतकों में गहराई तक प्रवेश कर सकते हैं।...वैज्ञानिक शोधों से पता चला है कि PM2.5 के... लंबे समय तक संपर्क में रहने से... फेफड़ों के कैंसर का, खासकर धूम्रपान न.. करने वालों के बीच गहरा संबंध है

दूसरा गंधहीन, रंगहीन रेडियोधर्मी गैस है ...जो मिट्टी और चट्टानों में यूरेनियम के क्षय.. से प्राकृतिक रूप से उत्पन्न होती है...यह नींव या दीवारों की दरारों से.. घरों में रिस सकती है.. रेडॉन फेफड़ों के कैंसर का दूसरा प्रमुख कारण है... और अमेरिका में धूम्रपान न करने वालों में... यह इस बीमारी की एक बड़ी वजह है।..

 - आपको जानकर हैरानी होगी लेकिन सेकंड हैंड स्मोकिंग,... यानी वे लोग जो धूम्रपान नहीं करते हैं ...लेकिन दूसरों के संपर्क में आने से वे प्रभावित हो सकते हैं... इसके अलावा, जीन्स भी इस बीमारी के बड़े कारणों में से एक है...वही खाना बनाने के दौरान होने वाला प्रदूषण,.. जैसे लकड़ी या गोबर के कंडों की वजह से.. होने वाला प्रदूषण भी.. फेफड़ों के लिए खतरनाक होता है..फेफड़ों के कैंसर का जोखिम केवल... धूम्रपान करने वालों तक ही सीमित नहीं है..., बल्कि कई अन्य कारक भी इसके लिए जिम्मेदार हैं...जिसके लिए इन जोखिम कारकों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और... इनके बचाव के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है...आज के लिए बस इतना ही...अगले वीडियो में फिर मिलेंगे... एक नए विषय के साथ। नमस्कार!